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July 1, 2026 1:37 am

Themis की स्पाइनल एनेस्थीसिया दवा पर रोक, डॉ. बीएन चतुर्वेदी ने बताई वजह

Themis की स्पाइनल एनेस्थीसिया दवा पर तत्काल रोक की सलाह, मरीजों की सुरक्षा सर्वोपरि: डॉ. बीएन चतुर्वेदी

✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ

ISA की राष्ट्रीय एडवाइजरी के बाद अस्पतालों को स्टॉक अलग रखने और वैकल्पिक दवा के उपयोग का निर्देश

पटना/सीवान: स्पाइनल एनेस्थीसिया में व्यापक रूप से इस्तेमाल होने वाली Themis कंपनी की हाइपरबैरिक बुपिवाकेन (Bupivacaine) दवा को लेकर देशभर के एनेस्थीसिया विशेषज्ञों के संगठन इंडियन सोसाइटी ऑफ एनेस्थीसियोलॉजिस्ट्स (ISA) ने सभी एनेस्थीसियोलॉजिस्ट्स को अगले आदेश तक इसका उपयोग तत्काल प्रभाव से बंद करने की सलाह दी है। यह निर्णय दवा के उपयोग के बाद विभिन्न अस्पतालों से गंभीर प्रतिकूल घटनाओं (Adverse Events) की रिपोर्ट मिलने के बाद लिया गया है।

सिवान जिले के रघुनाथपुर प्रखंड अंतर्गत निखती कलां गांव निवासी एवं एनएमसीएच, पटना के कंसल्टेंट हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन डॉ. बीएन चतुर्वेदी ने बताया कि हाइपरबैरिक बुपिवाकेन का उपयोग मुख्य रूप से आर्थोपेडिक, स्त्री एवं प्रसूति रोग तथा जनरल सर्जरी में कमर के नीचे होने वाले ऑपरेशन के दौरान स्पाइनल एनेस्थीसिया देने के लिए किया जाता है।

उन्होंने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार Themis कंपनी द्वारा निर्मित दवा के उपयोग के बाद कुछ मरीजों में केमिकल मेनिन्जाइटिस, लंबे समय तक बेहोशी, पैरों में लकवे जैसी स्थिति, तेज सिरदर्द, उल्टी, मिचली तथा अन्य गंभीर दुष्प्रभाव सामने आए हैं। विभिन्न अस्पतालों से ऐसे 100 से अधिक मामलों की सूचना मिलने के बाद विशेषज्ञ संस्थाओं ने एहतियात के तौर पर इस दवा के उपयोग पर रोक लगाने की सलाह दी है।

डॉ. चतुर्वेदी ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अस्पतालों को इस दवा के उपलब्ध स्टॉक की पहचान कर उसे अलग रखने तथा चिकित्सीय उपयोग से तत्काल हटाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही स्पाइनल एनेस्थीसिया के लिए स्वीकृत एवं सुरक्षित वैकल्पिक ब्रांडों का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। उन्होंने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक सभी चिकित्सकों को ISA की एडवाइजरी का पूर्ण पालन करना चाहिए।

ISA द्वारा 29 जून 2026 को जारी राष्ट्रीय एडवाइजरी में स्पष्ट कहा गया है कि Themis कंपनी द्वारा निर्मित बुपिवाकेन का उपयोग स्पाइनल एनेस्थीसिया अथवा किसी अन्य उद्देश्य के लिए अगले आदेश तक नहीं किया जाए। संगठन का कहना है कि दवा से जुड़े मामलों की जांच जारी है और यह निर्णय पूरी तरह मरीजों की सुरक्षा एवं जनहित को ध्यान में रखकर लिया गया है।

कौन हैं डॉ. बीएन चतुर्वेदी?

डॉ. बीएन चतुर्वेदी सिवान जिले के रघुनाथपुर प्रखंड के निखती कलां गांव के निवासी हैं। उनके पिता श्री पशुपति नाथ चतुर्वेदी हैं। उन्होंने पीएमसीएच, पटना से एमबीबीएस ऑनर्स के साथ गोल्ड मेडल प्राप्त किया तथा एमएस (ऑर्थोपेडिक्स) की डिग्री हासिल की। इसके बाद नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से आर्थोस्कोपी एवं ज्वाइंट रिप्लेसमेंट में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त किया।

वर्तमान में वे एनएमसीएच, पटना में कंसल्टेंट हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन के रूप में कार्यरत हैं। पटना के कंकड़बाग स्थित राजलक्ष्मी हॉस्पिटल में उनका क्लीनिक भी संचालित होता है।

Samay Siwan
Author: Samay Siwan

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