✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
प्रेम संबंध के विवाद में हुई थी गुड्डू कुमार सिंह की हत्या, पुलिस ने किया खुलासा
- 26 मई की रात जसौली गांव में हुई थी गुड्डू कुमार सिंह की हत्या
- पुलिस ने दो आरोपियों पिंकू सिंह और परवेज आलम को किया गिरफ्तार
- एक पिस्टल, एक मैगजीन, दो जिंदा कारतूस और दो मोबाइल बरामद
- एसटीएफ, जिला आसूचना इकाई और पचरुखी थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई
सिवान: पचरुखी थाना क्षेत्र के जसौली गांव में 26 मई की देर रात दुबई से लौटे गुड्डू कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस हत्याकांड में संलिप्त दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जसौली नया टोला निवासी पिंकू सिंह और हरदिया निवासी परवेज आलम के रूप में हुई है। इनके पास से एक पिस्टल, एक मैगजीन, दो जिंदा कारतूस तथा दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।
रविवार को समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय कक्ष में आयोजित प्रेसवार्ता में सदर एसडीपीओ अजय कुमार सिंह ने बताया कि 26 मई को पचरुखी थाना क्षेत्र के जसौली गांव में गुड्डू कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद प्राप्त आवेदन के आधार पर पचरुखी थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103/3(5) एवं आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया।
उन्होंने बताया कि पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मामले के उद्भेदन और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीम का गठन किया गया था। अनुसंधान के दौरान प्राप्त सूचनाओं के आधार पर एसटीएफ, जिला आसूचना इकाई और पचरुखी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी अभियान चलाया। इसी दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस पूछताछ में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी पिंकू सिंह का एक महिला के साथ प्रेम संबंध था। मृतक गुड्डू कुमार सिंह ने इस संबंध का विरोध करते हुए पिंकू सिंह को समझाने का प्रयास किया था। इसी बात से नाराज होकर पिंकू सिंह ने गुड्डू कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी। जांच में यह भी पता चला कि घटना में इस्तेमाल किया गया हथियार परवेज आलम ने उपलब्ध कराया था।
एसडीपीओ ने बताया कि मामले में आगे की विधिसम्मत कार्रवाई जारी है तथा अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
परवेज के परिजनों ने एक दिन पहले दिया था गुमशुदगी का आवेदन
गुड्डू कुमार सिंह हत्याकांड में गिरफ्तार परवेज आलम को लेकर एक दिलचस्प तथ्य भी सामने आया है। गिरफ्तारी से एक दिन पहले उसके परिजनों ने पचरुखी थाना में गुमशुदगी का आवेदन दिया था।

आवेदन में नबी अहमद मंसूरी ने बताया था कि उनका भतीजा परवेज आलम कुर्बानी की शिरनी लेकर पियाऊर स्थित रिश्तेदारी में गया था। वहां से लौटने के बाद उसने मोबाइल फोन पर घरवालों को बताया कि वह सिवान शहर पहुंच गया है और बीस मिनट में घर आ जाएगा। लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी वह घर नहीं पहुंचा। इसके बाद उसके मोबाइल पर कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन फोन बंद मिला। परिजनों ने सभी रिश्तेदारों और परिचितों के यहां तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका था।
हालांकि बाद में पुलिस जांच के दौरान परवेज आलम का नाम हत्याकांड में सामने आया और उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

