हसनपुरा में भू-माफियाओं पर कसेगा शिकंजा, सूची तैयार कर डीएम को सौंपेगा प्रशासन
✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
भूमि संबंधी अवैध गतिविधियों पर प्रशासन की सख्त नजर
- भू-माफियाओं की पहचान के लिए शुरू हुआ सर्वे और आकलन कार्य।
- सरकारी, गैर-मजरुआ और निजी भूमि पर अवैध कब्जाधारियों की होगी जांच।
- संदिग्ध लोगों की सूची तैयार कर डीएम को भेजेगा प्रशासन।
- भूमि विवाद और फर्जीवाड़े पर रोक लगाने की दिशा में बड़ा कदम।
हसनपुरा (सीवान) : बिहार सरकार के निर्देश पर हसनपुरा प्रखंड एवं नगर पंचायत क्षेत्र में सक्रिय भू-माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। अंचलाधिकारी (सीओ) उदयन सिंह ने बताया कि क्षेत्र में भूमि संबंधी अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों की पहचान और आकलन का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों और समूहों की सूची तैयार की जा रही है, जो सरकारी, गैर-मजरुआ अथवा निजी भूमि पर अवैध कब्जा करने, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जमीन की खरीद-बिक्री करने या अन्य अनियमित गतिविधियों में शामिल हैं। इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों से सूचनाएं एकत्र की जा रही हैं तथा राजस्व कर्मियों एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
सीओ उदयन सिंह ने बताया कि जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद संदिग्ध भू-माफियाओं की सूची तैयार कर सीवान जिला पदाधिकारी को भेजी जाएगी, ताकि आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि भूमि विवादों और अवैध कब्जों से जुड़ी बढ़ती शिकायतों को देखते हुए प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की मंशा भूमि से जुड़े अवैध कारोबार पर पूरी तरह रोक लगाने की है। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक रणनीति तैयार की गई है तथा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर कार्रवाई की जा रही है।
सीओ ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारी या निजी भूमि पर अवैध कब्जा करने अथवा फर्जी तरीके से भूमि का हस्तांतरण करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि यदि किसी क्षेत्र में भू-माफियाओं की गतिविधियों की जानकारी हो तो इसकी सूचना प्रशासन को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
प्रशासन की इस पहल को क्षेत्र में भूमि व्यवस्था को पारदर्शी और विवादमुक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का मानना है कि भू-माफियाओं के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई होने से अवैध कब्जों और जमीन संबंधी फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा तथा आम नागरिकों के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।

