✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
समय पर ऑपरेशन नहीं होने का आरोप, स्वजनों ने जताया आक्रोश
- सदर अस्पताल में प्रसव के दौरान नवजात की मौत
- परिजनों ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का लगाया आरोप
- अस्पताल परिसर में हंगामे के बाद पहुंची पुलिस
- प्रभारी अधीक्षक ने कहा- मामले की जानकारी मिली है
सिवान: सदर अस्पताल में गुरुवार को प्रसूता का समय पर ऑपरेशन नहीं होने के कारण नवजात की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित स्वजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही नगर थाना और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराया।
बताया जाता है कि प्रसूता जीबी नगर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव निवासी प्रदीप चौहान की पत्नी है। महिला के भाई मिथिलेश कुमार ने आरोप लगाया कि गुरुवार सुबह करीब सात बजे उनकी बहन को सदर अस्पताल के महिला वार्ड में भर्ती कराया गया था। उस समय प्रसूता गंभीर दर्द से पीड़ित थी, लेकिन डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी ब्लड जांच रिपोर्ट के इंतजार की बात कहकर ऑपरेशन नहीं कर रहे थे।
परिजनों का कहना है कि जांच रिपोर्ट सुबह नौ बजे तक मिलने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही महिला की स्थिति गंभीर हो गई। आरोप है कि महिला स्वास्थ्य कर्मियों ने एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टालते हुए काफी समय बर्बाद कर दिया। बार-बार अनुरोध करने के बावजूद न तो समय पर ऑपरेशन किया गया और न ही बेहतर चिकित्सकीय देखरेख की गई।
स्वजनों ने बताया कि गर्भावस्था के नौ महीने की सभी जांच रिपोर्ट सामान्य थीं, लेकिन सदर अस्पताल में ब्लड जांच रिपोर्ट समय पर नहीं मिलने के कारण इलाज में देरी हुई। परिजनों ने डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि इसी वजह से नवजात की मौत हो गई।
इधर, घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ।
इस संबंध में प्रभारी अधीक्षक डॉ. रीता सिन्हा ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि प्रसव के दौरान यह घटना हुई है और मामले की जांच की जा रही है।

