✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
अखौरी क्लीनिक में हुई घटना, इलाज में लापरवाही का आरोप
- प्रसव के बाद महिला की मौत से स्वजनों में आक्रोश
- हंगामे के बाद डॉक्टर और अस्पताल कर्मी क्लीनिक छोड़ फरार
- मृतका के स्वजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप
- देर शाम तक नगर थाना में आवेदन नहीं दिया गया
सिवान के नगर थाना क्षेत्र स्थित अस्पताल रोड पर बुधवार को अखौरी क्लीनिक में प्रसव के दौरान महिला की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। घटना के बाद क्लीनिक संचालक डॉक्टर और अस्पताल कर्मी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर स्वजनों को शांत कराया।
मृतका की पहचान रघुनाथपुर थाना क्षेत्र के सैचानी गांव निवासी आशा देवी के रूप में हुई है। वह बलिया स्टेशन पर तैनात आरपीएफ हेड कांस्टेबल मनमोहन शाह की पत्नी थीं। स्वजनों के अनुसार आशा देवी का इलाज पिछले नौ महीने से अस्पताल रोड स्थित अखौरी क्लीनिक में चल रहा था, जहां डॉक्टर अखौरी उर्मिला कुमार सिन्हा द्वारा उनका उपचार किया जा रहा था। जांच और अल्ट्रासाउंड के दौरान सामान्य प्रसव की बात कही गई थी, जिससे परिवार पूरी तरह आश्वस्त था।
बताया जाता है कि मंगलवार की सुबह आशा देवी को पेट में तेज दर्द शुरू हुआ, जिसके बाद उन्हें क्लीनिक में भर्ती कराया गया। वहां प्रारंभिक उपचार और पानी चढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की गई। शाम करीब साढ़े छह बजे डॉक्टर ने अचानक ऑपरेशन की सलाह दी और कहा कि ऑपरेशन नहीं होने पर खतरा बढ़ सकता है। इसके बाद परिजन घबरा गए और ऑपरेशन के लिए सहमति दे दी।
स्वजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान ही प्रसूता की हालत गंभीर हो गई थी, लेकिन इसकी सही जानकारी उन्हें नहीं दी गई। ऑपरेशन के बाद महिला को लगातार उल्टी होने लगी और कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। हालांकि नवजात बच्चा पूरी तरह स्वस्थ बताया जा रहा है।
मृतका के भतीजे रोहित साह ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने स्थिति की गंभीरता छिपाई और लगातार यह भरोसा दिलाया कि सब कुछ सामान्य है। महिला की मौत के बाद परिजन आक्रोशित हो गए और क्लीनिक में हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद डॉक्टर और अस्पताल कर्मी वहां से फरार हो गए। घटना के बाद क्लीनिक और मेडिकल काउंटर पर ताला लटका मिला।
सूचना पर पहुंची नगर थाना पुलिस ने मामले की जांच की और स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि बुधवार देर शाम तक स्वजनों की ओर से थाना में कोई लिखित आवेदन नहीं दिया गया था। पुलिस का कहना है कि आवेदन मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

