✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
एनएमसीएच के हड्डी रोग विभाग में चिकित्सकों की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई से टला बड़ा हादसा
- ओपीडी में अचानक बेहोश होकर गिर पड़ी महिला
- पल्स नहीं मिलने पर डॉक्टरों ने तुरंत शुरू किया CPR
- दो मिनट की मशक्कत के बाद लौट आई सांसें
- चिकित्सकों की तत्परता से टली असामयिक मौत
पटना : शनिवार को एनएमसीएच के हड्डी रोग विभाग में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बजरंगपुरी निवासी 32 वर्षीय महिला स्वाति अचानक ओपीडी में बेहोश होकर गिर पड़ी। महिला अपने बच्चे को दिखाने के लिए अस्पताल पहुंची थी। चिकित्सक के पास पहुंचते ही वह अचानक जमीन पर गिर गई, जिससे वहां मौजूद मरीजों और परिजनों में हड़कंप मच गया।
घटना के दौरान ओपीडी में मौजूद हड्डी रोग विशेषज्ञ एवं सर्जन डॉ बीएन चतुर्वेदी ने स्थिति की गंभीरता को तुरंत भांप लिया। उन्होंने बिना देर किए महिला की पल्स जांची, लेकिन नाड़ी महसूस नहीं होने पर उन्हें हार्ट अटैक जैसी स्थिति का संदेह हुआ। इसके बाद डॉ चतुर्वेदी ने तत्काल महिला को टेबल पर लिटवाकर कार्डियक मसाज और सीपीआर देना शुरू कर दिया।

कुछ ही क्षणों में हड्डी रोग विभाग के इकाई अध्यक्ष डॉ शम्भू कुमार, डॉ अमर, डॉ संजीव, डॉ राहुल समेत अन्य चिकित्सक भी मौके पर पहुंच गए और महिला की जान बचाने के प्रयास में जुट गए। लगभग दो मिनट तक लगातार सीपीआर देने के बाद महिला की बंद पड़ी सांसें धीरे-धीरे चलने लगीं और उसकी पल्स वापस महसूस होने लगी। यह देखकर वहां मौजूद सभी लोगों ने राहत की सांस ली।
महिला की हालत स्थिर होने के बाद चिकित्सकों ने उसके पति को फोन कर अस्पताल बुलाया। प्राथमिक उपचार के बाद आगे की जांच और बेहतर इलाज के लिए महिला को मेडिसिन विभाग भेज दिया गया।
अस्पताल में मौजूद लोगों ने डॉ बीएन चतुर्वेदी और अन्य चिकित्सकों की त्वरित कार्रवाई की जमकर सराहना की। लोगों का कहना था कि यदि थोड़ी भी देर हो जाती, तो महिला की जान बचाना मुश्किल हो सकता था। चिकित्सकों की सतर्कता, अनुभव और टीमवर्क के कारण एक बड़ी अनहोनी टल गई।

