✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
- 40 वर्षों से काबिज लोगों को प्रशासन ने दिया अल्टीमेटम
- पहले दिन 4 बीघा 12 कट्ठा 10 धुर जमीन खाली कराई गई
- 3 दिन के भीतर कब्जा हटाने का निर्देश
- 14 बीघा से अधिक भूमि अभी भी अतिक्रमण मुक्त करानी बाकी
- पुलिस बल की मौजूदगी में प्रशासन ने चलाया अभियान
सिवान: जिले के पचरुखी स्थित बंद पड़े चीनी मिल की भूमि पर वर्षों से काबिज लोगों को हटाने के लिए गुरुवार को प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी। पहले दिन बुलडोजर चलाकर 4 बीघा 12 कट्ठा 10 धुर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।
प्रशासन ने यहां रह रहे लोगों को स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अगले तीन दिनों के भीतर स्वयं अपना कब्जा हटा लें, अन्यथा बलपूर्वक अतिक्रमण हटाया जाएगा। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में दस से अधिक परिवार लंबे समय से पक्का मकान बनाकर रह रहे हैं।
अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई एसडीपीओ अजय कुमार सिंह, एसडीओ आशुतोष गुप्ता, डीसीएलआर नलिनी कुमारी, सीओ आफताब आलम और थानाध्यक्ष प्रमोद कुमार के संयुक्त नेतृत्व में की गई। पूरे अभियान के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, अभी भी करीब 14 बीघा 8 कट्ठा 8 धुर भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना शेष है, जिसके लिए आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
वहीं, अतिक्रमणकारियों का कहना है कि वे पिछले 40 वर्षों से इस जमीन पर रह रहे हैं और यह भूमि चीनी मिल की नहीं है। उनका दावा है कि उन्होंने यह जमीन मिल में कार्यरत मजदूरों से किराए पर ली थी।
गौरतलब है कि पचरुखी चीनी मिल वर्ष 1976 से बंद है और वर्ष 2000 से इस भूमि को लेकर मामला डीआरटी कोर्ट में विचाराधीन रहा है। वर्तमान में इस जमीन पर लगभग दस पक्के मकान बने हुए हैं, जिन्हें हटाने की प्रक्रिया अब तेज कर दी गई है।
इस कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप का माहौल है और प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

