✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
घटनास्थल पहुंच डीआईजी ने दिए सख्त निर्देश, निष्पक्ष जांच पर जोर
- डीआईजी ने कहा—दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
- जमीन विवाद में विधायक पर गंभीर आरोप
- मारपीट, तोड़फोड़ और धमकी देने की शिकायत
- पुलिस टीम को त्वरित कार्रवाई के निर्देश
सिवान। रघुनाथपुर से राजद विधायक ओसामा शहाब पर दर्ज प्राथमिकी के मामले में अब प्रशासनिक सख्ती साफ तौर पर नजर आने लगी है। सारण डीआईजी नीलेश कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए स्पष्ट शब्दों में कहा कि मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
गुरुवार की देर शाम डीआईजी महादेवा थाना क्षेत्र के झुनापुर स्थित विवादित भूमि पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि कानून व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
डीआईजी के साथ पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा, सदर एसडीपीओ अजय कुमार सिंह, महादेवा थानाध्यक्ष सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उनके इस सख्त रुख के बाद मामले को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है।
गौरतलब है कि पीड़ित चिकित्सक डा. सुधा सिंह ने महादेवा थाना में आवेदन देकर विधायक ओसामा शहाब पर आरोप लगाया है कि उनके निर्देश पर झुनापुर स्थित उनकी जमीन पर हो रहे निर्माण कार्य को जबरन रुकवाया गया। साथ ही वहां मौजूद कर्मियों के साथ मारपीट की गई और सीसी कैमरा तोड़ दिया गया।
पीड़िता के अनुसार, उन्होंने उक्त भूमि 7 सितंबर 2024 को खरीदी थी और अंचल कार्यालय में उनके एवं उनके पति के संयुक्त नाम से जमाबंदी भी दर्ज है। करीब तीन माह पहले उन्होंने चारदीवारी और एक कमरे का निर्माण कार्य शुरू कराया था।
आरोप है कि विधायक द्वारा भूमि पर दावा जताते हुए पहले कागजात मांगे गए और आश्वासन दिया गया कि यदि दस्तावेज सही होंगे तो निर्माण में कोई बाधा नहीं होगी। लेकिन बाद में 14 अप्रैल को कथित रूप से 30-40 लोगों ने हथियारों के साथ पहुंचकर कर्मियों पर हमला कर दिया। इस दौरान मोबाइल छीनने, सीसी कैमरा तोड़ने और निर्माण सामग्री जबरन ले जाने की भी शिकायत दर्ज कराई गई है।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। डीआईजी के सख्त निर्देश के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि मामले में जल्द ही ठोस कार्रवाई सामने आ सकती है।

