Explore

Search

May 5, 2026 10:12 pm

जीरादेई : भागवत कथा में श्रीकृष्ण जन्म लीला का भावुक वर्णन, भक्त हुए मंत्रमुग्ध

✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ

छितनपुर मनोकामना पूर्ण मंदिर में भागवत कथा का आयोजन

  • वृंदावन से आए कथावाचक आचार्य नारायण ने सुनाई कृष्ण जन्म लीला
  • जन्मोत्सव पर भक्तों में बांटी गई मिठाइयां
  • बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए हुए शामिल

सिवान: जीरादेई प्रखंड के छितनपुर स्थित मनोकामना पूर्ण मंदिर में श्रीमद् भागवत कथा का भव्य आयोजन किया गया, जहां वृंदावन से पधारे कथावाचक आचार्य नारायण ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की लीला का अत्यंत मार्मिक वर्णन किया।
कथावाचक ने बताया कि मथुरा में अत्याचारी कंस ने अपनी बहन देवकी का विवाह वासुदेव से कराया था। विवाह के दौरान आकाशवाणी हुई कि देवकी का आठवां पुत्र कंस का वध करेगा। इस भविष्यवाणी से भयभीत होकर कंस ने देवकी और वासुदेव को कारागार में बंद कर दिया और उनके सात पुत्रों की निर्ममता से हत्या कर दी।
उन्होंने आगे बताया कि भगवान विष्णु ने देवकी के गर्भ में श्रीकृष्ण के रूप में अवतार लिया। आधी रात को कारागार में श्रीकृष्ण का जन्म हुआ। उसी समय चमत्कारिक रूप से सभी बंधन खुल गए और कारागार के द्वार भी स्वतः खुल गए। वासुदेव नवजात श्रीकृष्ण को लेकर यमुना नदी पार करते हुए गोकुल पहुंचे और उन्हें माता यशोदा के पास सुरक्षित रख आए।
इसके बाद वासुदेव यशोदा की नवजात पुत्री को लेकर कारागार लौट आए। जब कंस ने उस बालिका को मारने का प्रयास किया, तो वह आकाश में प्रकट होकर बोली कि उसे मारने वाला जन्म ले चुका है और सुरक्षित है। इस प्रकार कंस का अंत निश्चित हो गया।
कथा के दौरान भक्तगण श्रीकृष्ण जन्म की लीला सुनकर भाव-विभोर हो गए। जन्मोत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं के बीच मिठाइयां भी वितरित की गईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर कथा का लाभ उठाते नजर आए।

Samay Siwan
Author: Samay Siwan

लाइव क्रिकेट स्कोर