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May 6, 2026 1:58 am

सिवान : लू और संभावित बाढ़/सुखाड़ को लेकर जिलाधिकारी ने विभागीय पदाधिकारियों को दिए निर्देश

✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ

  • भीषण गर्मी, लू और सुखाड़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा
  • सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ और पेयजल व्यवस्था के निर्देश
  • अस्पतालों में लू प्रभावित मरीजों के लिए विशेष इंतजाम
  • सभी विभागों को सतर्क रहकर त्वरित कार्रवाई के निर्देश

सिवान: संभावित भीषण गर्मी, लू (हीट वेव) एवं सुखाड़ की स्थिति से निपटने को लेकर जिला समाहरणालय स्थित संवाद कक्ष में जिलाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए आमजनों के स्वास्थ्य, पेयजल, पशुधन एवं आवश्यक सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए।
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आमजन को लू से बचाव के उपायों के बारे में व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए, ताकि संभावित जोखिमों को कम किया जा सके। उन्होंने नगर परिषद सहित आंदर, गोपालपुर, बड़हरिया, गुठनी, हसनपुरा, बसंतपुर, मैरवा और महाराजगंज नगर पंचायत क्षेत्रों में सार्वजनिक स्थलों पर प्राथमिकता के आधार पर प्याऊ की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा खराब चापाकलों की शीघ्र मरम्मत कराने को कहा।
सिविल सर्जन डॉ. श्रीनिवास प्रसाद को सभी अस्पतालों में लू से प्रभावित मरीजों के इलाज के लिए विशेष व्यवस्था करने, ओआरएस, आईवी फ्लूड एवं जीवन रक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आवश्यकता पड़ने पर चलंत चिकित्सा दल तैनात करने के निर्देश दिए गए।
स्कूलों व परीक्षा केंद्रों में पेयजल व ओआरएस की व्यवस्था अनिवार्य
लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग को खराब चापाकलों की मरम्मत कराने और जहां नल-जल की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां टैंकरों के माध्यम से पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। साथ ही भूजल स्तर की नियमित निगरानी करने को भी कहा गया।
शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया कि भीषण गर्मी को देखते हुए विद्यालयों का संचालन सुबह की पाली में किया जाए तथा सभी स्कूलों एवं परीक्षा केंद्रों में पेयजल और ओआरएस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। समाज कल्याण विभाग को आंगनबाड़ी केंद्रों पर पेयजल व्यवस्था एवं लू से बचाव संबंधी जागरूकता सामग्री प्रदर्शित करने को कहा गया।
पशु संसाधन विभाग को पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करने और बीमार पशुओं के इलाज हेतु चिकित्सा दल तैयार रखने का निर्देश दिया गया। वहीं ग्रामीण विकास विभाग को मनरेगा के तहत जल संरचनाओं की खुदाई में तेजी लाने तथा कार्यस्थलों पर पेयजल और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
इसके अलावा परिवहन, श्रम संसाधन, पंचायती राज, ऊर्जा, पर्यावरण एवं अन्य संबंधित विभागों को भी आवश्यक एहतियाती कदम उठाने के निर्देश दिए गए। डीएम ने अग्निशमन विभाग को भीषण गर्मी के दौरान आग लगने की घटनाओं की संभावना को देखते हुए त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि जन-धन की क्षति को न्यूनतम किया जा सके।

Samay Siwan
Author: Samay Siwan

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