✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
ई-मेल से मिली धमकी के बाद दो घंटे तक ठप रहा कामकाज
- सुबह 11:30 बजे तक बम विस्फोट की दी गई थी धमकी
- कोर्ट परिसर खाली कराकर चलाया गया सघन जांच अभियान
- बम निरोधक दस्ता व डॉग स्क्वायड ने की जांच
- जांच के बाद पुनः शुरू हुआ न्यायालय का कार्य
सिवान: सिवान सिविल कोर्ट परिसर में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक अज्ञात ई-मेल के माध्यम से कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना सामने आई। यह धमकी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश के आधिकारिक ई-मेल पर भेजी गई थी, जिसमें सुबह 11:30 बजे तक बम विस्फोट की बात कही गई थी।
सूचना मिलते ही प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोतीश कुमार सिंह ने तत्काल संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को अवगत कराया और सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर को खाली कराने का निर्देश दिया। एहतियातन कुछ समय के लिए न्यायालय की कार्यवाही भी रोक दी गई, ताकि किसी संभावित खतरे से बचा जा सके।
कोर्ट नाजीर द्वारा ध्वनि विस्तारक यंत्र के माध्यम से सभी अधिवक्ताओं, कर्मियों और वादकारियों को तुरंत परिसर खाली करने की घोषणा की गई। अधिवक्ता संघ ने भी अपने स्तर से सभी वकीलों को सूचना दी। सुरक्षा के दृष्टिकोण से कोर्ट परिसर में खड़े वाहनों को भी बाहर कराया गया।

धमकी की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया। डीएम विवेक रंजन मैत्रेय और पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा के निर्देश पर बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीम मौके पर पहुंची और सघन जांच शुरू की। इस दौरान सदर एसडीओ आशुतोष गुप्ता, सदर एसडीपीओ अजय कुमार सिंह, नगर थाना इंस्पेक्टर अविनाश कुमार समेत कई पुलिस अधिकारी और जवान मौके पर मौजूद रहे।
करीब दो घंटे तक कोर्ट का कामकाज पूरी तरह ठप रहा। जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिलने के बाद प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने पुनः न्यायालय का कार्य शुरू करने का निर्देश दिया। साथ ही अन्य न्यायिक पदाधिकारियों को भी आवश्यक सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए।

गौरतलब है कि सिविल कोर्ट परिसर के समीप ही समाहरणालय और जज कॉलोनी स्थित है, जिसके चलते प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरती। पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान चलाया गया और आम लोगों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी गई।

