✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
- भ्रामक कहानी बनाकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश, साथी ने पूछताछ में किया खुलासा
- बहियारा चंवर गोलीकांड में बड़ा खुलासा, लूट की कहानी निकली झूठी
- अवैध हथियार का परीक्षण करते समय चली थी गोली
- घायल पवन कुमार को साथी दीपक कुमार लेकर पहुंचा था अस्पताल
- आरोपी दीपक हाल ही में छपरा जेल से हुआ था रिहा
सिवान: भगवानपुरहाट थाना क्षेत्र में 7 अप्रैल को हुए चर्चित गोलीकांड मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह घटना लूटपाट नहीं, बल्कि अवैध हथियार के परीक्षण के दौरान हुई दुर्घटना थी।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 7 अप्रैल की शाम करीब 3:45 बजे सूचना मिली थी कि सारण जिले के तरैया थाना क्षेत्र के सरैया रत्नाकर निवासी पवन कुमार को गोली लग गई है। घायल अवस्था में उसे उसका साथी दीपक कुमार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, भगवानपुर लेकर पहुंचा था, जहां से डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए सदर अस्पताल सिवान रेफर कर दिया।
प्रारंभिक जांच में दीपक कुमार द्वारा बार-बार बयान बदलने और भ्रामक जानकारी देने से पुलिस को संदेह हुआ। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने स्वीकार किया कि वह पवन कुमार के साथ बहियारा चंवर के पास अवैध हथियार का परीक्षण कर रहा था। इसी दौरान गलती से गोली चल गई, जो सीधे पवन कुमार को जा लगी।
घटना को छुपाने के लिए दोनों ने मिलकर लूटपाट की झूठी कहानी गढ़ी थी और मामले को छुपाने की कोशिश की जा रही थी। पुलिस ने यह भी बताया कि दीपक कुमार एक सप्ताह पहले ही छपरा जेल से रिहा हुआ था, जहां वह आर्म्स एक्ट के मामले में बंद था।
गौरतलब है कि घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी और शुरुआती खबरों में बदमाशों द्वारा गोली मारने की बात सामने आई थी। हालांकि पुलिस को घटनास्थल पर कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला था, जिससे शुरू से ही मामला संदिग्ध लग रहा था।
फिलहाल भगवानपुरहाट थाना में मामला दर्ज कर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, घटना में प्रयुक्त अवैध हथियार की बरामदगी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है।


