✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
उखईं गांव में भावनात्मक माहौल के बीच साहित्यिक आयोजन, लेखक शांता नंद मिश्र की पुस्तक बनी आकर्षण का केंद्र
- पचरुखी प्रखंड के उखईं गांव में हुआ भव्य पुस्तक विमोचन
- लेखक शांता नंद मिश्र की कृति को मिली सराहना
- पूर्व सांसद ओमप्रकाश यादव समेत कई गणमान्य रहे मौजूद
- ग्रामीण संस्कृति और मूल्यों को दर्शाती है पुस्तक
सिवान जिले के पचरुखी प्रखंड अंतर्गत उखईं ग्राम में एक गरिमामयी एवं भावनात्मक वातावरण में प्रसिद्ध लेखक शांता नंद मिश्र द्वारा रचित पुस्तक “गांव की मिट्टी मिटने नहीं देती” का भव्य विमोचन किया गया। यह आयोजन न केवल साहित्यिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि ग्रामीण संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों के प्रति गहरी संवेदना को भी अभिव्यक्त करता नजर आया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सिवान के पूर्व सांसद ओमप्रकाश यादव उपस्थित रहे। उनके साथ मंच पर प्रो. अशोक प्रियंबद, विजय पांडेय, त्रिलोकी नाथ मिश्रा, गौरी शंकर द्विवेदी, ताप्ती वर्मा, कृष्णा सिंह, गणेश दत्त पाठक, रूपेश कुमार एवं निक्कू दुबे जैसे कई प्रबुद्ध एवं सम्मानित व्यक्तित्व मौजूद रहे। सभी ने इस साहित्यिक पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक सकारात्मक प्रयास बताया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि यह पुस्तक केवल शब्दों का संग्रह नहीं है, बल्कि गांव की सोंधी मिट्टी की महक और उससे जुड़े भावनात्मक अनुभवों का जीवंत चित्रण है। यह कृति उन लोगों के दिलों को छूती है, जो अपनी जड़ों से जुड़े रहे हैं या उन्हें महसूस करना चाहते हैं। लेखक ने अपने जीवन के संघर्ष, अनुभव और मूल्यों को अत्यंत सरल, प्रभावशाली और संवेदनशील भाषा में प्रस्तुत किया है, जो पाठकों को आत्ममंथन के लिए प्रेरित करती है।
लेखक शांता नंद मिश्र का व्यक्तित्व भी कार्यक्रम में चर्चा का केंद्र रहा। उन्होंने जेएनयू, दिल्ली से शिक्षा प्राप्त की तथा अमेरिका के यूनिवर्सिटी ऑफ हार्टफोर्ड से प्रबंधन एवं वित्त में उच्च शिक्षा हासिल की है। पिछले दो दशकों से वे अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रमुख प्रबंधन एवं आईटी कंपनियों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वैश्विक अर्थव्यवस्था और राजनीति पर उनकी गहरी समझ उन्हें एक विशिष्ट विचारक के रूप में स्थापित करती है।
इस अवसर पर बड़हरिया विधायक इंद्रदेव पटेल, जदयू जिलाध्यक्ष विकास कुमार सिंह, बीजेपी जिलाध्यक्ष राहुल तिवारी, संजय पांडेय, नागेंद्र सिंह (पूर्व मुखिया), पुष्पा पांडेय (पूर्व मुखिया), नीलेश वर्मा नील, डॉ. संजय सिंह, सोनल दुबे, राजेश तिवारी, सतीश शर्मा, आशुतोष कुमार, राजीव रंजन सहित सिवान ब्लड डोनर क्लब की टीम भी बड़ी संख्या में मौजूद रही।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों ने लेखक को शुभकामनाएं देते हुए इस पुस्तक को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया और इसके व्यापक प्रसार की कामना की।

