✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक में डीएम के सख्त निर्देश
- अग्निकांड और लू से बचाव के लिए SOP का सख्ती से पालन करने का निर्देश
- 14–21 अप्रैल तक सभी प्रखंडों में चलेगा जागरूकता अभियान
- जिला आपातकालीन संचालन केंद्र 24 घंटे रहेगा सक्रिय
- आपदा पीड़ितों को राहत वितरण में प्राथमिकता देने का निर्देश
सिवान, समाहरणालय स्थित कार्यालय प्रकोष्ठ में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन कार्यों की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी द्वारा आपदा से संबंधित अद्यतन स्थिति की जानकारी दी गई तथा तैयार प्रतिवेदन जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विशेष रूप से अग्निकांड एवं लू (हीट वेव) की संभावित स्थितियों को देखते हुए विभागीय मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ सतर्कता बरतें ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
आपदाओं के जोखिम को कम करने और आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी ने 14 अप्रैल से 21 अप्रैल, 2026 तक “अग्नि सुरक्षा सप्ताह” मनाने का निर्देश दिया। इस दौरान जिले के सभी प्रखंडों एवं नगर निकायों में व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिससे लोग आग से बचाव और लू के दौरान आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक हो सकें।
किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए जिला आपातकालीन संचालन केंद्र को 24 घंटे सक्रिय रखने का आदेश दिया गया है। जिलाधिकारी ने आम नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी आपदा या दुर्घटना की सूचना तुरंत नियंत्रण कक्ष के दूरभाष संख्या 06154-242000, 242001 तथा व्हाट्सएप नंबर 9473328100 पर दें, ताकि प्रशासन द्वारा शीघ्र सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
इसके साथ ही जिलाधिकारी ने अगलगी, वज्रपात, सर्पदंश, डूबने और आंधी-तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं में प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदनशीलता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को अनुग्रह अनुदान एवं राहत सामग्री का वितरण सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे पूरी मुस्तैदी, समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें, ताकि किसी भी आपदा से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।

