✒️ स्वराज सिंह
बकाया रहने पर जमाबंदी लॉक होने की चेतावनी, रैयतों से समय पर भुगतान की अपील
- हसनपुरा अंचलाधिकारी ने 31 मार्च तक लगान जमा करने की अपील की।
- निर्धारित तिथि के बाद बकाया रहने पर जमाबंदी लॉक कर दी जाएगी।
- रैयतों की सुविधा के लिए अंचल कार्यालय में विशेष कैंप लगाया जाएगा।
- कैंप में राजस्व कर्मी लगान जमा करने की प्रक्रिया में करेंगे मदद।
सिवान: हसनपुरा अंचलाधिकारी उदयन सिंह ने सभी रैयतों (भूमि धारकों) से 31 मार्च से पहले अपना बकाया लगान जमा करने की अपील की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि के बाद जिन रैयतों का लगान बकाया रहेगा, उनकी जमाबंदी को लॉक कर दिया जाएगा, जिससे जमीन से जुड़े किसी भी प्रकार के कार्य कर पाना संभव नहीं होगा।
अधिकारियों के अनुसार रैयतों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अंचल कार्यालय में विशेष कैंप का आयोजन किया जा रहा है। इस कैंप में उन सभी लोगों की सहायता की जाएगी जिनकी जमाबंदी ऑनलाइन दर्ज है। ऐसे रैयत वर्ष 2025–26 तक का बकाया लगान आसानी से जमा कर सकेंगे। कैंप में राजस्व विभाग के कर्मी मौजूद रहेंगे और लोगों को लगान जमा करने की पूरी प्रक्रिया में सहयोग करेंगे।
प्रशासन ने बताया कि सरकार के पास प्रत्येक मौजा (गांव) की जमाबंदी के अनुसार बकाया लगान की पूरी सूची उपलब्ध है। इसलिए जिन रैयतों पर लगान बकाया है, उन्हें समय रहते भुगतान कर देना चाहिए, ताकि आगे चलकर किसी प्रशासनिक कार्रवाई या तकनीकी परेशानी का सामना न करना पड़े।
अंचल अधिकारियों ने बताया कि कई रैयत अंतिम समय तक इंतजार करते हैं, जिससे उन्हें बाद में अनावश्यक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसलिए सभी भूमि धारकों से अपील की गई है कि वे समय पर अंचल कार्यालय पहुंचकर अपने बकाया लगान का भुगतान कर दें।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि 31 मार्च के बाद जिन जमाबंदियों पर लगान बकाया रहेगा, उन्हें लॉक कर दिया जाएगा। इसके बाद जमीन से जुड़ी सेवाएं जैसे दाखिल-खारिज, सुधार या अन्य ऑनलाइन प्रक्रियाएं प्रभावित हो सकती हैं। इसलिए रैयतों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम तिथि से पहले ही लगान जमा कर इस समस्या से बचें।

