खाड़ी देशों में तनाव से सहमे जिले के युवा, कई ने फिलहाल टाली वापसी
✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
• ईरान-अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव से खाड़ी देशों में चिंता
• सिवान जिले के कई युवा निजी कंपनियों में करते हैं काम
• छुट्टी पर घर आए कई युवाओं ने फिलहाल वापसी टालने का बनाया मन
• मार्च में प्रस्तावित कई युवाओं की फ्लाइट को लेकर परिवारों में चिंता
हुसैनगंज (सिवान): प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों से हर महीने बड़ी संख्या में युवा रोजगार के लिए खाड़ी देशों का रुख करते रहे हैं। लेकिन ईरान-अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव तथा खाड़ी देशों पर ईरान के हमलों की खबरों के बाद वहां काम करने वाले युवाओं और उनके परिवारों में चिंता का माहौल बन गया है।
खाड़ी देशों से छुट्टी पर घर आए कई युवाओं ने फिलहाल वापस जाने का इरादा टाल दिया है। उनका कहना है कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं हो जाती, तब तक वे वापस जाने का जोखिम नहीं लेना चाहते।
हरिहांस निवासी अभिमन्यु कुमार नवंबर 2025 में शादी के सिलसिले में गांव आए थे। शादी संपन्न होने के बाद उनकी फ्लाइट 11 मार्च को निर्धारित है। वहीं गेना राम तीन महीने पहले और चंद्रमा सिंह दो महीने पहले छुट्टी पर घर आए थे, जिनकी फ्लाइट क्रमशः 13 और 16 मार्च को तय है।
इसी तरह फाजिलपुर निवासी आदर्श कुमार पहली बार 17 सितंबर 2025 को दुबई गए थे। फरवरी में बहन की शादी में शामिल होने के लिए वे मात्र चार महीने बाद 14 फरवरी को घर लौटे थे। उनकी वापसी की फ्लाइट छह मार्च को निर्धारित थी, लेकिन वर्तमान हालात को देखते हुए परिवार और स्थानीय लोगों में चिंता बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के सैकड़ों युवा रोजगार के लिए खाड़ी देशों में कार्यरत हैं। ऐसे में वहां की स्थिति को लेकर उनके परिजनों की चिंता स्वाभाविक है।

