मतदाता पुनरीक्षण के विरोध में महागठबंधन का बिहार बंद बुधवार को
✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
चुनाव आयोग पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप, 9 जुलाई को बिहार बंद व देशव्यापी चक्का जाम
सिवान : भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम के खिलाफ विपक्षी इंडिया महागठबंधन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। महागठबंधन ने इसे जनविरोधी और लोकतंत्र विरोधी कदम बताते हुए 9 जुलाई को बिहार बंद और देशभर में चक्का जाम का आह्वान किया है।
महागठबंधन के नेता ईं. विपिन कुशवाहा ने चुनाव आयोग पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि यह कार्यक्रम गरीब, दलित, आदिवासी और अल्पसंख्यक मतदाताओं को वोट देने के अधिकार से वंचित करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से योजनाबद्ध तरीके से कमजोर वर्गों के नाम हटाए जा रहे हैं, जो लोकतांत्रिक प्रणाली पर सीधा प्रहार है।
भाकपा (माले) के विधायक अमरजीत कुशवाहा व सत्यदेव राम ने कहा कि पहले लोगों को लाठी से मतदान से रोका जाता था, अब चुनाव आयोग की कलम से उनका अधिकार छीना जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि 9 जुलाई को महागठबंधन सड़कों पर उतरकर इस साजिश का जवाब देगा।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुशील कुमार ने कहा कि यह पुनरीक्षण कार्यक्रम “वोटबंदी” है, ना कि मतदाता सूची की सफाई। उन्होंने इसे संविधान और लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए कहा कि जनता को गुमराह नहीं होने दिया जाएगा।
महागठबंधन के सभी घटक दलों ने एक स्वर में कहा कि यह पूरी प्रक्रिया पूर्वनियोजित है और लोकतांत्रिक ढांचे को कमजोर करने की कोशिश है। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 9 जुलाई को होने वाला चक्का जाम शांतिपूर्ण और संविधान सम्मत होगा, जिसका उद्देश्य जनता को इस राजनीतिक साजिश के प्रति जागरूक करना है।

