✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
कुलपति के कार्यकाल का शैक्षणिक एवं वित्तीय ऑडिट हो : आर.एस.ए.
सिवान : जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा में व्याप्त अव्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ राष्ट्रीय छात्र-अधिकार (आर.एस.ए.) संगठन ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार 9 जून को नारायण महाविद्यालय, गोरियाकोठी में कुलपति प्रो. पर्मेन्द्र कुमार बाजपेई का पुतला दहन कर छात्र नेताओं ने उनके कार्यकाल पर गंभीर आरोप लगाए।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आर.एस.ए. के विश्वविद्यालय अध्यक्ष अमरेश सिंह राजपूत ने कहा कि कुलपति के कार्यकाल में शैक्षणिक और वित्तीय स्तर पर गड़बड़ियों की भरमार है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि कुलपति के कार्यकाल का शैक्षणिक ऑडिट और वित्तीय ऑडिट शीघ्र कराया जाए, ताकि स्पष्ट हो सके कि विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों में किस स्तर तक लूट हुई है।
छात्र नेताओं ने आरोप लगाया कि कुलपति द्वारा अखबारों में दिए गए शैक्षणिक दावों की सच्चाई की भी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रो. इरफान अली को बिहार राज्य विश्वविद्यालय अधिनियम 1976 के प्रावधानों की अवहेलना कर राजनीति विज्ञान स्नातकोत्तर विभाग का विभागाध्यक्ष बना दिया गया है। जबकि नियमों के अनुसार विभागाध्यक्ष की वरीयता प्रो. केदार प्रसाद को मिलनी चाहिए थी।
छात्र संगठन का कहना है कि कुलपति को इस बाबत आवेदन भी सौंपा गया, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। सवाल उठाया गया कि क्या विश्वविद्यालय में कुलाधिपति का आदेश मान्य नहीं है? यदि कुलाधिपति बड़े हैं तो उनके निर्देशों का पालन क्यों नहीं किया जा रहा?
नेताओं ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन केवल लूट की योजना बनाता है। यह देश का पहला विश्वविद्यालय है जो शपथ पत्र पर परीक्षा फॉर्म भरवा रहा है। स्नातक सेमेस्टर प्रथम सत्र 2024–28 का रिजल्ट अब तक जारी नहीं हुआ, फिर भी परीक्षा फॉर्म भरवाया गया। कई नॉन कॉलेजिएट छात्र फॉर्म भरने से वंचित रह गए क्योंकि लिंक ही काम नहीं कर रहा था।
छात्रों को समय पर अंक पत्र नहीं मिल रहा है, प्रवेश, पढ़ाई, परीक्षा और परिणाम सभी अस्त-व्यस्त हैं। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को धरना, प्रदर्शन और अनशन के स्तर तक ले जाया जाएगा।
पुतला दहन कार्यक्रम में प्रमुख रूप से दारा सिंह, अमृताजन सिंह, बृजेश सिंह, अंकित सिंह, राहुल शर्मा, प्रेम सिंह, मनु पटेल, अजीत कुमार, प्रिंस कुमार, अंकित कुमार, धीरज कुमार, परमेश कुमार, आदित्य कुमार, बिट्टू सिंह आदि छात्र नेता शामिल थे।