शिक्षकों की समस्याओं को लेकर 2 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर उतरेगा शिक्षक संघ
✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
भ्रष्टाचार, प्रताड़ना और न्यायालय आदेश की अवहेलना के विरोध में बिहार अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ सिवान का ऐलान
सिवान: जिले में शिक्षा विभाग की कार्यशैली और शिक्षकों की उपेक्षा को लेकर बिहार अराजपत्रित प्रारंभिक शिक्षक संघ, सिवान ने बड़ा कदम उठाने का फैसला किया है। संघ ने ऐलान किया है कि जिले में फैले भ्रष्टाचार, शिक्षकों की समस्याओं और न्यायालय के आदेशों की अनदेखी के विरोध में 2 जून से जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
संघ के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह और जिला सचिव अशोक कुमार प्रसाद ने बताया कि जिले का शिक्षा विभाग अफसरशाही और भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षकों से हर कार्य के लिए रिश्वत मांगी जाती है और बिना घूस के फाइलें वर्षों तक लंबित रहती हैं।
उन्होंने बताया कि शिक्षकों के ईपीएफ खाते अपडेट नहीं हैं, रेगुलर मोड में नियुक्त शिक्षकों को अब तक सेवा तिथि से वित्तीय लाभ नहीं दिया गया है। वहीं उच्च न्यायालय के आदेश के बावजूद कुछ शिक्षकों की बर्खास्तगी और वेतन रिकवरी की कार्रवाई की गई, जो न्यायालय की सीधी अवमानना है।
संघ ने इन प्रमुख मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया है:
- न्यायालय के आदेश के आलोक में 27 मई को जारी बर्खास्तगी पत्र रद्द किए जाएं
- शिक्षकों के ईपीएफ खातों में बकाया राशि तत्काल जमा की जाए
- नियुक्ति तिथि से वेतन लाभ दिया जाए
- बीआरसी और डीईओ कार्यालयों में रिश्वतखोरी पर कार्रवाई हो
- मध्यान्ह भोजन योजना में चावल की कटौती और कमीशनखोरी पर रोक लगे
- शिक्षकों के लंबित अवकाश और बकाया भुगतान तुरंत किया जाए
- चहारदीवारी विहीन और भवनहीन विद्यालयों की स्थिति सुधारी जाए
संघ ने कहा कि कई बार प्रतिनिधिमंडल मिलकर ज्ञापन सौंप चुका है, लेकिन अधिकारी केवल वादे करते हैं, समाधान कुछ नहीं होता। संघ ने सभी शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों से आंदोलन को समर्थन देने की अपील की है।
संघ का विश्वास है कि यह आंदोलन जिले में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की दिशा में निर्णायक साबित होगा।

