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March 3, 2026 9:25 pm

सिवान : प्राथमिकी दर्ज कराने में हो रही देरी से परेशान हैं पीड़ित, थाने के लगाने पड़ रहे चक्कर

✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ

जिले के कई थानों में पीड़ितों को नहीं मिल रहा समय पर न्याय, मानवाधिकार आयोग तक पहुंचा मामला

सिवान : जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं से जहां आमजन चिंतित हैं, वहीं थानों की कार्यप्रणाली से पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी हो रही है। हालात यह हैं कि प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए पीड़ितों को कई दिनों तक थाने का चक्कर लगाना पड़ता है।

जिले के विभिन्न थानों में लगे सीसीटीवी कैमरे या अन्य स्रोतों से स्पष्ट होता है कि पीड़ित पक्ष अपनी आपबीती लेकर पुलिस पदाधिकारियों के समक्ष गुहार लगाते रहते हैं, लेकिन प्राथमिकी दर्ज करने में टालमटोल की जाती है।

गुठनी थाना में प्राथमिकी दर्ज करने में आठ दिन की देरी
गुठनी थाना क्षेत्र के सेलौर गांव में अरहर की फसल काटने के विवाद को लेकर अश्विनी कुमार चौधरी के साथ मारपीट हुई थी, जिसमें उनका सिर फट गया था। घायल का इलाज निजी व सरकारी अस्पतालों में कराया गया। पीड़ित ने आठ अप्रैल को प्राथमिकी के लिए आवेदन दिया, लेकिन कई बार थाना जाने के बाद 16 अप्रैल को जाकर प्राथमिकी दर्ज की गई।

नौतन में भी मामला टालते रही पुलिस
इसी तरह नौतन थाना क्षेत्र के एक गांव में छह अप्रैल को एक युवती के साथ अश्लील हरकत की गई। पीड़िता ने आठ अप्रैल को आवेदन दिया, लेकिन प्राथमिकी दर्ज करने में पुलिस ने सात दिन लगा दिए और यह 15 अप्रैल को दर्ज की गई।

सिसवन में देर से प्राथमिकी दर्ज होने पर नष्ट हुआ साक्ष्य
सिसवन थाना की पुलिस द्वारा समय पर प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने के कारण एक घटना में अहम साक्ष्य नष्ट हो गया। मामला जब मानवाधिकार आयोग नई दिल्ली व पटना पहुंचा, तो आयोग के निर्देश पर हाल ही में सिसवन के तत्कालीन थानाध्यक्ष अरविंद कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।

इन घटनाओं से साफ है कि जिले में आम लोगों को समय पर न्याय नहीं मिल पा रहा है, जिससे पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

Samay Siwan
Author: Samay Siwan

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