✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सिवान: सिविल कोर्ट परिसर में बुधवार को आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मोहित कुमार ने न्यायिक पदाधिकारियों एवं विधिक स्वयंसेवकों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजीएम) स्तर के अधिकारियों के साथ बैठक कर आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर रणनीति तैयार करने का निर्देश भी दिया।
बताया गया कि बीते 8 मार्च को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 14 न्यायिक बेंचों का गठन किया गया था, जिनमें प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी आशुतोष गौतम ने 83 और प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी कमलेश कुमार ने 73 आपराधिक मामलों का निस्तारण कर सबसे उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस उपलब्धि के लिए दोनों न्यायिक पदाधिकारियों को प्रधान जिला न्यायाधीश ने मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
साथ ही, राष्ट्रीय लोक अदालत के प्रचार-प्रसार कार्य में योगदान देने वाले पांच पारा विधिक स्वयंसेवकों को भी प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी एसके पांडेय ने उपेंद्र कुमार, आशुतोष कुमार पांडेय, वंदना कुमारी, रोहित राम, अनीता कुमारी एवं मिथुन कुमार राम को प्रशस्ति पत्र देकर सराहना की।
इस अवसर पर विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सुनील कुमार सिंह भी उपस्थित रहे। प्रधान जिला न्यायाधीश मोहित कुमार ने कहा कि जहां एक ओर न्यायाधीशगण अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए न्याय प्रक्रिया को प्रभावशाली बना रहे हैं, वहीं विधिक स्वयंसेवकों की भूमिका भी अत्यंत सराहनीय रही है, जिन्होंने आम लोगों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रचार-प्रसार में विशेष योगदान दिया। कार्यक्रम में सीजेएम स्तर के न्यायिक पदाधिकारी, लोक अदालत के पेशकार समेत कई न्यायिक कर्मी उपस्थित रहे।