✍️परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
श्रीमद्भागवत महापुराण कथा महोत्सव में संत का प्रवचन
महाराजगंज (सीवान): नगर पंचायत वार्ड संख्या आठ के कपिया जागीर स्थित श्री सती स्थान परिसर में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा महोत्सव के दूसरे दिन प्रवचन की शुरुआत समाजसेवी पवन तिवारी द्वारा पूजन व आरती के साथ की गई। इस अवसर पर श्रीधाम अयोध्या से पधारे संत कान्हा महाराज ने प्रवचन देते हुए कहा कि श्रीमद्भागवत कलियुग में मनुष्य का कल्याण करने वाला सर्वोत्तम ग्रंथ है।
संत कान्हा महाराज ने कहा कि भारत भूमि पर नारी देवी का स्वरूप मानी जाती है। व्यक्ति को अभिमान नहीं करना चाहिए, क्योंकि लाखों लोग आए और इस धरती में विलीन हो गए। फिर किस बात का अहंकार? व्यक्ति जीवनभर दूसरों के लिए कमाता है, लेकिन केवल भजन और भगवान की भक्ति अपने लिए करता है। उन्होंने कहा कि इस धरा पर मनुष्य के पास श्रीमद्भागवत के अलावा कोई ऐसा माध्यम नहीं है, जो उसका कल्याण कर सके।
उन्होंने श्रीमद्भागवत की महिमा बताते हुए कहा कि सुखदेव जी महाराज ने देवताओं को अमृत के बदले भी श्रीमद्भागवत सौंपने से इनकार कर दिया था। यह ग्रंथ समस्त ब्रह्मांड के ग्रंथों पर भारी है, क्योंकि इसमें साक्षात श्रीकृष्ण विराजमान हैं। उन्होंने कहा कि जो भी भगवान की कथा सुनता है, वह उनके प्रभाव को समझ सकता है। कलियुग में धर्म श्रीमद्भागवत कथा में ही निहित है और इसकी महिमा को स्वर्ग के देवता भी स्वीकार करते हैं।
संत ने कहा कि श्रीमद्भागवत देवताओं के लिए भी दुर्लभ है। स्वर्गलोक के देवता भी पृथ्वीलोक के लोगों को धन्य मानते हैं, जिनके पास यह ग्रंथ उपलब्ध है।

