✍🏽 परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सिवान: जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) संक्रमण से बचाव के लिए सबसे प्रभावी उपाय इसका टीकाकरण है। जिले में 9 माह से 2 वर्ष की आयु वर्ग के सभी बच्चों को जेई का दो टीका नीयत अंतराल पर दिया जाता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित समीक्षात्मक बैठक में जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डा. अरविंद कुमार ने कहा कि राज्य स्तरीय समीक्षात्मक बैठक में टीकाकरण को शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए गए थे।
डीआईओ ने कहा कि जिले में एईएस/चमकी बुखार के संभावित संक्रमण को देखते हुए जेई टीकाकरण को सुदृढ़ करना आवश्यक है। इसी दिशा में कार्य करते हुए जेई टीका से वंचित सभी लाभार्थियों को चिह्नित कर 30 अप्रैल तक शत-प्रतिशत टीकाकरण पूरा किया जाएगा।
यूनिसेफ के एसएमसी कामरान अहमद ने बताया कि जेई-1 के तहत 86,916 यानी 96 प्रतिशत टीकाकरण पूरा हो चुका है, जबकि जेई-2 के तहत अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 के बीच 94 प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण किया गया है।

