✍🏽 परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सिसवन (सिवान): बिहार प्रदेश आंगनबाड़ी संघ के तत्वावधान में बुधवार को प्रखंड मुख्यालय स्थित सीडीपीओ कार्यालय के समक्ष आंगनबाड़ी सेविकाओं ने विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया।
सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने की मांग
संघ की प्रखंड अध्यक्ष सरस्वती देवी के नेतृत्व में सेविकाओं ने अपनी मांगों को पूरा करने की अपील की। इस दौरान संघ की प्रदेश अध्यक्ष पुष्पा पांडेय ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन 50 वर्षों से हो रहा है, लेकिन सेविकाओं को अब तक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं दिया गया है।
अपर्याप्त मानदेय और सरकारी उपेक्षा पर नाराजगी
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार केवल ₹4,500 मानदेय दे रही है, जो न्यायसंगत नहीं है। सेविकाओं का कहना था कि एक आंगनबाड़ी केंद्र को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पूरा परिवार मेहनत करता है, लेकिन सरकार उनके प्रति उदासीन बनी हुई है।
विभागीय लापरवाही के आरोप
सेविकाओं ने सीडीपीओ कार्यालय पर विभागीय आदेशों का पालन नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लंबे समय से खराब मोबाइल बदले नहीं गए हैं, जिससे उनका कार्य प्रभावित हो रहा है।
मुख्य मांगें और ज्ञापन सौंपा
संघ ने सरकार से मांग की कि:
आंगनबाड़ी सेविकाओं को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
सेवानिवृत्ति के बाद सभी सुविधाएं प्रदान की जाएं।
बाजार दर के अनुसार पोषाहार दिया जाए।
धरने में सेविकाओं की भागीदारी
धरना प्रदर्शन में किरण देवी, सीता देवी, सुगंती देवी, बेबी देवी, इंदु देवी, अनीता देवी सहित दर्जनों आंगनबाड़ी सेविकाएं शामिल थीं। धरने के बाद सेविकाओं ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन अधिकारियों को सौंपा।

