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March 3, 2026 3:10 pm

सीवान: चमकी बुखार के उपचार पर स्वास्थ्य अधिकारियों और शिशु रोग विशेषज्ञों ने दिया प्रशिक्षण

✍🏽 परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ

स्वास्थ्य संस्थानों के चिकित्सा पदाधिकारियों को दिया गया जागरूकता और उपचार संबंधी प्रशिक्षण

सीवान सदर अस्पताल परिसर स्थित सभागार में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतिम दिन सोमवार को जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और चिकित्सकों को चमकी बुखार के उपचार से संबंधित विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. ओम प्रकाश लाल और सदर अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान पीएचसी महाराजगंज अंतर्गत एपीएचसी बलिया के चार चिकित्सा पदाधिकारियों सहित जिले के अन्य चिकित्सा अधिकारियों को प्रशिक्षित किया गया।

प्रशिक्षण के दौरान डॉ. ओम प्रकाश लाल ने बताया कि सदर अस्पताल में पीकू वार्ड बनकर तैयार है, जिसका उद्घाटन जल्द किया जाएगा। उन्होंने कहा कि एईएस या चमकी बुखार के कारण, लक्षण, बचाव और इलाज की विस्तृत जानकारी सभी को होनी चाहिए, ताकि प्रशिक्षित चिकित्सा अधिकारी प्रभावित बच्चों का सही इलाज कर सकें। उन्होंने बताया कि सिरदर्द, तेज बुखार, अर्ध चेतना, भ्रम की स्थिति, बेहोशी, शरीर में झटके, हाथ-पैर में थरथराहट, और मानसिक असंतुलन एईएस व जेई के सामान्य लक्षण हैं। ऐसे मामलों में त्वरित इलाज आवश्यक होता है, और गंभीर स्थिति में मरीज को तुरंत उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर करने की जरूरत होती है।

स्वास्थ्य विभाग ने निर्देश दिया कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर ओआरएस पाउडर, पैरासिटामोल की गोली और अन्य जरूरी दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध कराई जाएं, ताकि जिले में चमकी बुखार के प्रभाव को कम किया जा सके। जिला वेक्टर जनित रोग सलाहकार नीरज कुमार सिंह ने बताया कि गर्मी के मौसम में संभावित रूप से बढ़ने वाले चमकी बुखार और मस्तिष्क ज्वर से निपटने के लिए जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है।

वेक्टर जनित रोग पदाधिकारी एवं नोडल अधिकारी विकास कुमार ने जानकारी दी कि सदर अस्पताल, अनुमंडलीय अस्पताल, सभी सीएचसी और पीएचसी में चमकी बुखार के उपचार और रोकथाम के लिए अलग से वार्ड बनाए जाएंगे और आवश्यक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि चमकी बुखार को रोकने के लिए “खिलाओ, जगाओ और अस्पताल ले जाओ” का संदेश सभी तक पहुंचाना जरूरी है। यानी बच्चों को रात में सोने से पहले खाना खिलाएं, सुबह जागते ही देखें कि बच्चा बेहोश तो नहीं है, और यदि कोई लक्षण दिखें तो तुरंत अस्पताल पहुंचाएं।

इस अवसर पर डीपीसी धर्मेंद्र रस्तोगी, वीडीसीओ प्रीति आनंद, विकास कुमार, कुंदन कुमार, राज तिलक सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।

Samay Siwan
Author: Samay Siwan

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