सिवान: ✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ. ख्वाजा एहतेशाम अहमद द्वारा प्रस्तुत शोध पत्र इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन (IDF) 2025 के बैंकाक सम्मेलन के लिए स्वीकृत कर लिया गया है। यह सम्मेलन 7 से 10 अप्रैल के बीच आयोजित होगा।
डॉ. एहतेशाम इस क्षेत्र के गिने-चुने चिकित्सकों में शामिल हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर डायबिटीज और उससे संबंधित विषयों पर कई शोध पत्र प्रस्तुत किए हैं। पिछले वर्ष उन्होंने इस्तांबुल और पुर्तगाल के लिस्बन में अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए, जो चिकित्सा जगत में चर्चा का विषय बने।
शोध का विषय:
डॉ. एहतेशाम ने बताया कि इस बार उनका शोध डायबिटीज के उन नए रोगियों पर केंद्रित है, जिन्हें पहली बार डायग्नोसिस होने पर ही न्यूरोपैथी, रेटिनोपैथी और नेफ्रोपैथी जैसी जटिलताएं होती हैं। इन जटिलताओं के कारण हाइपरटेंशन, मोटापा, डिस्लिपिडेमिया जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने बताया कि यह अध्ययन विशेष रूप से सिवान और आसपास के रोगियों पर केंद्रित है। अगर मधुमेह का सही नियंत्रण किया जाए, उचित दवा और चिकित्सकीय सलाह दी जाए, खान-पान संतुलित रखा जाए और नियमित व्यायाम किया जाए, तो इन जटिलताओं से बचा जा सकता है।
डॉ. एहतेशाम की यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त शोध यात्रा सिवान और पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।

