✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
शहर के मखदुम सराय महावीरी पथ स्थित प्रजापिता ब्रह्मा कुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के परमात्मा दर्शन भवन में शनिवार को संस्था के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा का स्मृति दिवस विश्व शांति दिवस के रूप में मनाया गया। कार्यक्रम का संचालन बीके रिंकी बहन ने किया।
सुबह 8 से 10 बजे तक योग तपस्या के बाद राजयोगिनी बीके सुधा बहन ने बाबा के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संसार में उन्हें आदि देव और आदम के नाम से भी याद किया जाता है। वेदों के अनुसार ब्रह्मा को सृष्टि का रचयिता माना गया है। उन्होंने कहा कि निराकार परमपिता परमात्मा शिव ब्रह्मा के माध्यम से नई दुनिया की रचना करते हैं। बाबा का जीवन अत्यंत साधारण और सेवा के लिए समर्पित था।
ब्रह्मा बाबा का लौकिक नाम लेखराज कृपलानी था। उनका जन्म 15 दिसंबर 1876 को सिंध हैदराबाद में हुआ था। उनकी मां का देहांत उनके बचपन में हो गया था और 20 साल की उम्र में पिता का भी निधन हो गया। बाद में उन्होंने हीरे की परखने की कला सीखी और कोलकाता में हीरे के नामचीन व्यापारी बने। विश्व पिता के रूप में वे करुणा और दया से भरपूर थे। अपनी व्यस्त दिनचर्या के बावजूद बाबा सभी से मिलते और सब पर प्रेम बरसाते।
प्रजापिता ब्रह्मा की 56वीं अव्यक्त पुण्य स्मृति दिवस के अवसर पर उन्हें विश्वभर में विश्व शांति दिवस के रूप में श्रद्धांजलि दी गई। आयोजन के अंत में सभी उपस्थित लोगों को दूध और फल का प्रसाद वितरित किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. आशुतोष कुमार, डॉ. जे.एन. प्रसाद, डॉ. संगीता चौधरी, डॉ. राम इकबाल गुप्ता, डॉ. कंचन माला, डॉ. रंजीता सिन्हा, डॉ. राकेश कुमार, डॉ. पी.के. गिरी, डॉ. विनय भूषण, डॉ. धीरेन कुमार, डॉ. ए.के. अनिल, डॉ. सरिता कुमारी, डॉ. अनिल कुमार, प्रेम भाई, सुभाष भाई, निर्मल भाई और अनिल भाई सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

