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April 4, 2026 1:53 am

सिवान: भारतीय संविधान के प्रस्तावना और मौलिक अधिकारों पर जागरूकता शिविर का आयोजन

✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ

सिवान : जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सिवान के निर्देशानुसार डीएवी उच्च विद्यालय सह इंटर कॉलेज सिवान में भारतीय संविधान की प्रस्तावना, मौलिक अधिकार, शिक्षा, और मौलिक कर्तव्यों पर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के पैनल अधिवक्ता गणेशाराम उर्फ ज्ञान रत्न ने छात्रों को भारतीय संविधान के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की।

ज्ञान रत्न ने अपने संबोधन में कहा कि भारतीय संविधान की प्रस्तावना संविधान की आत्मा है, जिसमें संपूर्ण संविधान की मूल भावना समाहित है। उन्होंने छात्रों से आग्रह किया कि वे अपने घरों में संविधान रखें और उसे गहराई से पढ़ें। उन्होंने बताया कि भारतीय संविधान में प्रारंभ में सात मौलिक अधिकार दिए गए थे, जिनमें से संपत्ति का अधिकार 1978 में 44वें संविधान संशोधन के माध्यम से समाप्त कर दिया गया। वर्तमान में संविधान के अनुच्छेद 12 से 35 के अंतर्गत छह मौलिक अधिकार निहित हैं:

  1. समानता का अधिकार (अनुच्छेद 14-18)
  2. स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 19-22)
  3. शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद 23-24)
  4. धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार (अनुच्छेद 25-28)
  5. सांस्कृतिक और शिक्षा संबंधी अधिकार (अनुच्छेद 29-30)
  6. संवैधानिक उपचारों का अधिकार (अनुच्छेद 32)

ज्ञान रत्न ने संविधान के भाग 4A के अनुच्छेद 51A के अंतर्गत मौलिक कर्तव्यों का भी उल्लेख किया। इनमें संविधान का पालन, राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का सम्मान, स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों का पालन, देश की संप्रभुता और अखंडता की रक्षा, प्राकृतिक पर्यावरण का संरक्षण, और वैज्ञानिक दृष्टिकोण का विकास शामिल हैं।

इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य राम गणेश चौधरी, सहायक शिक्षक विजय कुमार पांडे, पीएलवी प्रियंका कुमारी सहित सैकड़ों छात्रों ने भाग लिया। यह जानकारी एडवोकेट गणेश राम उर्फ ज्ञान रत्न ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर साझा की।

Samay Siwan
Author: Samay Siwan

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