✍🏽 परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सिवान: शनिवार को रेफरल अस्पताल मैरवा और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसंतपुर में रुग्णता प्रबंधन और दिव्यांगता रोकथाम (एमएमडीपी) कीट का वितरण किया गया। यह वितरण मैरवा रेफरल अस्पताल परिसर में आठ हाथीपांव के रोगियों के बीच हुआ। कार्यक्रम की देखरेख डा. रवि प्रकाश और डा. कुमार रवि रंजन ने की।
इस अवसर पर जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डा. ओम प्रकाश लाल ने कहा कि फाइलेरिया (लिम्फेटिक फाइरियासिस) एक गंभीर बीमारी है, जो समय पर इलाज न होने पर दिव्यांगता का कारण बन सकती है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए एमएमडीपी कीट का वितरण अत्यंत महत्वपूर्ण है।
पीरामल स्वास्थ्य के संचारी विभाग के कार्यक्रम प्रमुख मिथिलेश कुमार पांडेय ने कहा कि क्यूलेक्स मच्छर फाइलेरिया संक्रमित व्यक्ति को काटने के बाद स्वस्थ व्यक्ति को संक्रमित कर सकता है, लेकिन इसके लक्षण 5 से 15 वर्षों में उभरकर सामने आते हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बसंतपुर के प्रभारी डा. कुमार रवि रंजन ने बताया कि स्थानीय प्रखंड में फाइलेरिया के 305 रोगियों की पहचान हुई है, जिनमें 272 हाथीपांव और 33 हाइड्रोसिल के मरीज शामिल हैं।