✍🏽 परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सिवान में सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले नियोजित शिक्षकों को एक जनवरी से अपने मूल विद्यालय में योगदान के साथ राज्यकर्मी का दर्जा मिल गया। यह कदम शिक्षकों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करता है, जिसमें उन्हें सरकारी शिक्षक के रूप में मान्यता देने की मांग की गई थी।
सरकार द्वारा घोषित विशिष्ट शिक्षक नियमावली 2023 के तहत सक्षमता परीक्षा पास करने वाले शिक्षकों को राज्यकर्मी का दर्जा दिया गया। जिले में कुल 7927 शिक्षक इस प्रक्रिया के अंतर्गत राज्यकर्मी बने। इनमें कक्षा 1 से 5 तक के 6222, कक्षा 6 से 8 तक के 871, कक्षा 9 से 10 तक के 659 और कक्षा 11 से 12 तक के 175 शिक्षक शामिल हैं।
योगदान प्रक्रिया 7 जनवरी तक
बुधवार से स्थानीय निकाय के शिक्षक अपने मूल विद्यालय में योगदान कर रहे हैं। योगदान के बाद उन्हें सरकारी शिक्षक का दर्जा मिल गया है और सरकारी शिक्षकों को मिलने वाली सभी सुविधाएं और अवकाश उनके लिए भी लागू होंगे।
डीईओ का निर्देश
जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) राघवेंद्र प्रताप सिंह ने स्पष्ट किया कि प्रतिनियोजन पर कार्यरत शिक्षक पहले अपने मूल विद्यालय में योगदान देंगे और फिर उसी दिन या अगले दिन से अपने प्रतिनियोजन वाले विद्यालय में कार्यभार संभालेंगे। डीईओ ने सभी बीईओ और प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है कि 31 दिसंबर 2024 को प्राथमिक शिक्षा निदेशक द्वारा जारी पत्र (पत्रांक 7/विविध-181/24-2452) का पालन सुनिश्चित किया जाए ताकि शैक्षणिक व्यवस्था में कोई असमंजस न हो।

