मदरसा युवा शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना इमरान ने पूर्व प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने कहा कि डॉ.मनमोहन सिंह का योगदान भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था में अमिट रहेगा।
मौलाना इमरान ने अपने बयान में कहा, “डॉ.मनमोहन सिंह ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दी और समाज के विभिन्न वर्गों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की। उनका कार्यकाल देश के लिए ऐतिहासिक था। हम उनके योगदान को हमेशा याद रखेंगे। उनके निधन से देश ने एक महान नेता खो दिया है।”
मौलाना इमरान ने आगे कहा कि डॉ.मनमोहन सिंह के प्रति उनके विचार हमेशा सम्मानजनक और प्रेरणादायक रहे हैं। उनका जीवन समर्पण और सेवा का प्रतीक था, और उनका जाना देश के लिए अपूरणीय क्षति है।
पूर्व प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह का शनिवार को दिल्ली के निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत देश के कई बड़े नेता मौजूद रहे उनका अंतिम संस्कार पूर्ण सैन्य सम्मान के साथ किया गया, और उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए तीनों सेनाओं ने सलामी दी।
iडॉ.मनमोहन सिंह का कार्यकाल भारतीय राजनीति और अर्थव्यवस्था में ऐतिहासिक बदलावों का प्रतीक माना जाता है। उनके द्वारा उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों में 1991 में अर्थव्यवस्था में उदारीकरण, औद्योगिक लाइसेंसिंग समाप्ति, 2005 में सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 में रोजगार गारंटी योजना, 2006 में अमेरिका से न्यूक्लियर डील, 2009 में आधार स्कीम, और 2010 में शिक्षा का अधिकार जैसे महत्वपूर्ण कदम शामिल हैं।
पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत डॉ. मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्रित्वकाल में देश में वह स्वर्णिम काल आया, जब डॉ. मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री और एपीजे अब्दुल कलाम साहब देश के राष्ट्रपति थे।
यह समय भारतीय राजनीति और विकास के लिहाज से ऐतिहासिक था। दोनों महान नेता, डॉ. मनमोहन सिंह और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम, के नेतृत्व में भारत ने न केवल वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई, बल्कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी, और आर्थिक क्षेत्र में भी अभूतपूर्व प्रगति की। यह वह समय था जब देश ने प्रगति की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए और एक नई ऊर्जा के साथ दुनिया के सामने अपने सामर्थ्य को प्रस्तुत किया।
डॉ. मनमोहन सिंह की आर्थिक नीतियों और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की प्रेरणादायक दृष्टि ने भारत को एक सशक्त और समृद्ध राष्ट्र के रूप में स्थापित किया, जो आज भी एक प्रेरणा के रूप में उभरकर सामने आता है।
डॉ.मनमोहन सिंह का निधन देशभर में शोक की लहर दौड़ा गया है, और उन्हें उनके योगदान के लिए हमेशा याद किया जाएगा। उनके निधन पर सारा देश दुखी है।

