शिक्षा को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के उद्देश्य से नियुक्त साइंस शिक्षकों की समस्याओं पर ध्यान आकर्षित करते हुए ऑल मदरसा युवा शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना इमरान आलम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखा है। इसमें मदरसों में कार्यरत साइंस शिक्षकों के मानदेय में बढ़ोतरी और समय पर भुगतान की मांग की गई है।
मौलाना इमरान ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि 2014 में प्रधानमंत्री द्वारा दिए गए ‘एक हाथ में कुरान, दूसरे हाथ में कंप्यूटर’ के नारे के बाद केंद्र सरकार ने मदरसों में तीन-तीन साइंस शिक्षकों की नियुक्ति की अनुमति दी थी। यह कदम मदरसा शिक्षा में सुधार की दिशा में ऐतिहासिक माना गया। शुरुआत में इन शिक्षकों को ₹6000 मानदेय दिया जाता था, जिसे बाद में ₹12000 किया गया।
हालांकि, वर्तमान में इन शिक्षकों को समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है। मौलाना इमरान ने बताया कि केंद्र से राज्य सरकारों को आवंटन में देरी के कारण शिक्षक अपनी सैलरी के लिए महीनों इंतजार करने को मजबूर हैं। इसके चलते वे राज्य के मंत्रियों और विधायकों से गुहार लगाते हैं, लेकिन उन्हें बार-बार केंद्र सरकार से जुड़ा मामला बताकर टाल दिया जाता है।
मौलाना इमरान ने पत्र में मांग की है कि महंगाई के इस दौर में शिक्षकों का मानदेय ₹25000 तक बढ़ाया जाए और वेतन भुगतान की प्रक्रिया को नियमित किया जाए। उन्होंने प्रधानमंत्री से आग्रह किया कि इस मामले को प्राथमिकता देते हुए शिक्षकों की समस्याओं का समाधान किया जाए ताकि वे सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने में सक्षम हो सकें।

