✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सिवान: विभिन्न मांगों को लेकर विद्युत कर्मियों ने सोमवार को जिला समाहरणालय के मुख्य गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। बिहार स्टेट प्रोग्रेसिव इलेक्ट्रिक वर्कर्स यूनियन के सचिव सत्य प्रकाश ने बताया कि विद्युत कर्मियों की लंबित मांगों को प्रबंधन द्वारा अनदेखा किया जा रहा है और अब तक किसी प्रकार की ठोस पहल नहीं की गई है।
सचिव ने कहा कि संघर्ष के प्रथम चरण में 25 से 30 नवंबर तक विद्युत कर्मियों ने काला पट्टी लगाकर कार्य किया और काला सप्ताह मनाया। इसके बाद, 16 दिसंबर को सभी विद्युत आपूर्ति अंचल कार्यालय परिसरों में एक दिवसीय धरना देकर सरकार और प्रबंधन तक अपनी आवाज पहुंचाने का प्रयास किया गया। बावजूद इसके, कंपनी प्रबंधन और सरकार की ओर से समस्याओं के समाधान हेतु कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया।
धरना प्रदर्शन के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि सरकारी कार्यों में किसी प्रकार का व्यवधान न हो। कर्मियों ने मांग की कि एनबीपीडीसीएल में कार्यरत सभी मानव बल को कंपनी में समायोजित किया जाए और बिचौलियों की भूमिका समाप्त की जाए। साथ ही, 30 दिन कार्य करने पर 26 दिन का भुगतान किए जाने की प्रथा में सुधार हो।
विद्युत कर्मियों ने यह भी बताया कि उनसे 33/11 केवी और 11 हजार लाइन पर इमरजेंसी कार्य कराया जाता है, लेकिन इसके बदले उन्हें मात्र ₹9100 का भुगतान किया जाता है। उन्होंने इस भुगतान व्यवस्था में सुधार की भी मांग की।

