मौलाना मजहरूल हक साहब की 158वीं जयंती हुसैनगंज फरीदपुर में धूमधाम से मनाई गई, जिसमें विद्वान गण, धार्मिक नेता, और राजनीतिक नेताओं ने भाग लिया। इस अवसर पर ऑल मदरसा युवा शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना इमरान भी फरीदपुर पहुंचे और मौलाना मजहरूल हक साहब के मजार पर चादर पोशी की। इस अवसर पर उनके साथ उलमाए दीन की एक पूरी टीम भी मौजूद थी।

मौलाना इमरान ने मौलाना मजहरूल हक साहब के योगदान को याद करते हुए कहा कि वह सिर्फ बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के लिए एक प्रेरणा स्रोत थे। उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। मौलाना इमरान ने कहा कि मौलाना साहब का योगदान और विचारों का प्रभाव आज भी हमारे समाज में महत्वपूर्ण है, खासकर जब देश में नफरत और कौमी एकता को कमजोरी के प्रयास हो रहे हैं। ऐसे में, मौलाना साहब के विचारों को फिर से फैलाने की जरूरत है।
मौलाना इमरान ने आगे कहा कि मौलाना मजहरूल हक साहब के विचारों और संघर्षों ने जंगे आज़ादी की बुनियाद रखी। उनके जीवन के आदर्श और बलिदान हमेशा याद किए जाएंगे। मौलाना इमरान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा बिहार में मौलाना मजहरूल हक अरबी फारसी विश्वविद्यालय की स्थापना की सराहना की, जिसे वह बिहार और पूरे देश के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानते हैं। उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय हर समुदाय और पृष्ठभूमि के लोगों को लाभान्वित करेगा, और उनकी शिक्षा का स्तर ऊँचा करेगा।
इस श्रद्धांजलि समारोह में कारी समीउल्लाह साहब, मौलाना शाह जफर साहब, मौलाना मंज़र खान साहब, मौलाना फहीम अख्तर मिस्बाही साहब और हाफ़िज़ एज़ाज़ अहमद कादरी साहब समेत कई अन्य विद्वानों ने मौलाना मजहरूल हक साहब को श्रद्धांजलि अर्पित की। मौलाना इमरान ने अपने संबोधन में सभी को एकजुट होकर मौलाना साहब के विचारों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी, ताकि देश में पुनः एकता और भाईचारे का वातावरण बने।

