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March 23, 2026 11:47 pm

बड़हरिया: तंजीम-ए-इंसाफ सम्मेलन में अल्पसंख्यकों के अधिकार और जनहित के मुद्दों पर चर्चा

✍🏽 परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ

बड़हरिया प्रखंड के भलुआ स्थित आंबेडकर कॉलेज में रविवार को आल इंडिया तंजीम-ए-इंसाफ के तीसरे बिहार राज्य सम्मेलन का समापन हुआ। इस दौरान तंजीम के उद्देश्यों और जनहित के मुद्दों पर किए जा रहे कार्यों का ब्योरा प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य संरक्षक तारकेश्वर यादव ने की, जबकि संचालन सचिव अधिवक्ता इरफान अहमद ने किया।

सम्मेलन में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा, उनके अधिकार, और धार्मिक स्थलों की रक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई। “आवाज दो, हम एक हैं” जैसे नारों के साथ अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों पर रोक लगाने और उनके संस्थानों पर पाबंदियों को खत्म करने की मांग उठाई गई। सम्मेलन में संगठन के पदाधिकारियों ने अल्पसंख्यकों के हित में संघर्षों और आंदोलनों की रूपरेखा तैयार की।

मुख्य अतिथि पूर्व सांसद सैयद अजीज पाशा ने अपने संबोधन में कहा कि अल्पसंख्यकों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए हमें एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि हक मांगने से नहीं बल्कि संघर्ष करने से मिलता है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में सभी समुदायों का बराबर का अधिकार है और इसे बचाने के लिए पूरे देश में एकता का संदेश फैलाना होगा।

सचिव इरफान अहमद फातमी ने कहा कि यह लड़ाई केवल अल्पसंख्यकों के लिए नहीं, बल्कि बाबा साहब के संविधान को बचाने की भी है। उन्होंने कहा कि देश में अल्पसंख्यकों के संस्थानों को बंद करने की साजिश चल रही है, जिसे रोकने के लिए सभी को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।

युवा नेता सुशील कुमार ने स्वतंत्रता संग्राम के नायक मौलाना मजहरूल हक का उल्लेख करते हुए कहा कि हमें भी उनकी तरह अन्याय के खिलाफ खड़ा होना होगा। उन्होंने तंजीम-ए-इंसाफ के बैनर तले अल्पसंख्यकों के अधिकारों की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया।

सम्मेलन के दौरान अतिथियों को अंगवस्त्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को कई अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया और अल्पसंख्यकों के हक और सम्मान के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।

Samay Siwan
Author: Samay Siwan

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