✍परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
बड़हरिया प्रखंड के कैलगढ़ गांव में शनिवार को जीरो टिलेज मशीन से गेहूं बोआई की जानकारी दी गई। इस कार्यकर्म का आयोजन प्रखंड कृषि पदाधिकारी सिंह की देखरेख में किया गया, जहां सर्वजीत सिंह के खेत में गेहूं बोआई की गई।
कृषि पदाधिकारी ने जीरो टिलेज मशीन के उपयोग के लाभों को किसानों के सामने रखा। उन्होंने बताया कि इस तकनीक में शून्य जुताई और शून्य सिंचाई होती है, जिससे खरपतवार कम उगते हैं और बीज व खाद की खपत भी कम होती है। इसके अलावा, इस विधि में खर्च और मजदूरी की भी कमी आती है और फसल में कीटों और बीमारियों का असर भी कम होता है।
कृषि पदाधिकारी ने यह भी बताया कि अब नई तकनीक “हैप्पी सीडर” उपलब्ध है, जो कंबाइन मशीन से कटे खेतों और फसल अवशेषों के खेतों में आसानी से उपयोग किया जा सकता है। सहायक तकनीकी प्रबंधक सतीश सिंह और किसान सलाहकार सुरेश चौहान ने भी इस प्रक्रिया को बारीकी से समझाया और गेहूं बोआई के लिए फसल अवशेष को सही तरीके से जुताई करने की जानकारी दी।

