✍परवेज़ अख्तर/एडिटर इन चीफ
सिवान: बिजली चोरी करने वालों के खिलाफ नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। बिजली चोरी रोकने के लिए कंपनी ने विशेष रणनीति बनाकर एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) को सक्रिय कर दिया है।
इस अभियान के तहत औद्योगिक उपभोक्ताओं, तीन महीने से स्मार्ट प्री-पेड मीटर रीचार्ज नहीं कराने वाले उपभोक्ताओं, कटा कनेक्शन दोबारा चालू कराने वालों और विवाह मंडप संचालकों को निशाने पर लिया गया है। एसटीएफ को नियमित छापेमारी और परिसरों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
एसटीएफ ने शुरू की छापेमारी
एसटीएफ ने छापेमारी अभियान शुरू कर दिया है। अभियंताओं को निर्देश दिया गया है कि वे गांव-गांव भ्रमण कर बिजली कनेक्शनों की जांच करें। यह देखा जाएगा कि उपभोक्ताओं ने उचित लोड लिया है या नहीं और कहीं चोरी से बिजली का उपयोग तो नहीं हो रहा है। अगर बिजली चोरी पकड़ी गई, तो जुर्माने के साथ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।
तीन महीने से मीटर रीचार्ज न करने वालों पर नजर
तीन महीने से स्मार्ट प्री-पेड मीटर रीचार्ज न करने वाले उपभोक्ताओं के परिसरों की भी जांच होगी। एसटीएफ यह सुनिश्चित करेगी कि बिजली की आपूर्ति बंद क्यों है और उपभोक्ता चोरी तो नहीं कर रहा।
इस अभियान के संदर्भ में सहायक विद्युत अभियंता शिव शंकर सिंह ने बताया कि जिले में बिजली चोरी रोकने के लिए एसटीएफ की विशेष टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें जांच कर जुर्माना लगाएंगी और प्राथमिकी दर्ज करेंगी।

