✍परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सिवान: भारतीय किसान संघ के सदस्यों ने बुधवार को जिलाधिकारी से मिलकर मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में जिले के किसानों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की गई है।
किसानों की प्रमुख समस्याएँ:
किसान संघ के सदस्यों ने बताया कि कृषि क्षेत्र, जो वर्तमान में जिले में 66 प्रतिशत लोगों को रोजगार प्रदान करता है, उसकी हालत अब दयनीय हो चुकी है। किसान अब रोजगार की तलाश में शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं। वहीं, शहरों में आबादी बढ़ने के साथ-साथ गांवों में खेती के लिए मजदूरों की कमी होती जा रही है।
मुख्यमंत्री से की गई मांगें:
1. धान की खरीदारी की गति तेज करना: किसानों ने धान की खरीदारी में हो रही देरी को लेकर चिंता जताई।
2. डीएपी की कालाबाजारी पर रोक लगाना: किसानों का कहना है कि डीएपी की कालाबाजारी पर नियंत्रण जरूरी है।
3. खतियान और केवाला की कापी की प्रक्रिया का निबटारा: इन कापियों के लिए किए गए आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने का आग्रह।
4. ऑनलाइन पंजीकरण में सुधार: पंजीकरण में हुई गड़बड़ी को सुधारने की मांग।
5. नहरों के सभी वितरणों तक पानी पहुंचाना: नहरों के वितरणों के अंतिम सिरे तक पानी पहुंचाने की आवश्यकता जताई।
6. पंचायत सचिवों का स्थानांतरण: एक ही पंचायत में वर्षों से जमे पंचायत सचिवों का स्थानांतरण करने की मांग।
7. किसानों को बिजली कनेक्शन में तेजी: किसानों को बिजली कनेक्शन देने में तेज़ी लाने की आवश्यकता।
8. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू करना: राज्य में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना लागू करने की मांग।
9. पशु बीमा का प्रीमियम घटाना: पशु बीमा का प्रीमियम 6 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने की अपील।
किसान संघ का आह्वान:
किसान संघ ने इन समस्याओं के निराकरण की दिशा में शीघ्र कार्रवाई की अपील की है ताकि किसानों को उनके अधिकार मिल सकें और कृषि क्षेत्र को पुनः सशक्त किया जा सके।

