✍परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सिवान : जिले में बढ़ती ठंड और शीतलहर की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन विभाग के निर्देशानुसार बचाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। न्यूनतम तापमान में गिरावट को देखते हुए आपदा प्रबंधन विभाग ने मानक संचालन प्रणाली (एसओपी) जारी कर सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे इससे संबंधित बचाव उपायों को तत्काल प्रभाव से लागू करें।
प्रमुख निर्देश:
मौसम पर निगरानी: मौसम विज्ञान विभाग से समन्वय स्थापित कर तापमान और शीतलहर की स्थिति पर नजर बनाए रखें।
रैनबसेरा और अलाव की व्यवस्था: गरीबों, रिक्शा चालकों, दैनिक मजदूरों और आवासहीन लोगों के लिए रैनबसेरा, तिरपाल, और अलाव की व्यवस्था सुनिश्चित करें। अलाव का संचालन प्रमुख सार्वजनिक स्थलों जैसे रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, अस्पताल और चौक-चौराहों पर हो।
कंबल वितरण: जरूरतमंदों के बीच कंबल का वितरण तेज किया जाए।
स्वास्थ्य विभाग के लिए निर्देश:
स्वास्थ्य विभाग को ठंड से होने वाली बीमारियों और मौतों को रोकने के लिए विशेष कदम उठाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत:
पर्याप्त दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करें।
मरीजों को सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएं।
किसानों और पशुपालकों के लिए सलाह:
फसलों को शीतलहर और पाले से बचाने के लिए किसानों को जागरूक किया जाए।
पशुपालकों को पशुओं को ठंड से बचाने की सलाह दी जाए। बेसहारा पशुओं के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
सुरक्षा और यातायात के निर्देश:
कोहरे और धुंध के दौरान यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने और दुर्घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं।
जिला प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने का संकल्प लिया है कि कोई भी गरीब या बेसहारा व्यक्ति ठंड के कारण किसी परेशानी का सामना न करे।

