✍परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सिविल कोर्ट में कार्यरत वरीय अधिवक्ता नयरुल इस्लाम का दिल्ली में उनके आवास पर प्रातः सात बजे निधन हो गया। उनके निधन की सूचना मिलने पर अधिवक्ता संघ भवन में शोक सभा का आयोजन किया गया, जिसमें दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई।
नयरुल इस्लाम मूल रूप से आंदर थाना के फिरोजपुर गांव के निवासी थे और कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। वे दिल्ली में अपने पुत्र और पुत्री के पास रहकर स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे। नयरुल इस्लाम सिवान सिविल कोर्ट में पांच वर्षों तक लोक अभियोजक के रूप में कार्यरत रहे थे और उनके कार्यकाल को निर्विवाद माना जाता था। वे मृदुभाषी और समर्पित व्यक्तित्व के धनी थे, और उनका मानना था कि वकालत केवल पेशेवर गरिमा का प्रतीक है, जिसे हर हालत में बनाए रखना चाहिए।
शोक सभा में पूर्व संघ अध्यक्ष पांडेय रामेश्वरी प्रसाद, बृजमोहन रस्तोगी, जनार्दन प्रसाद सिंह, पूर्व संघ सचिव प्रेम कुमार सिंह, वर्तमान संघ सचिव नवेंदु शेखर दीपक और अन्य कार्यकारिणी सदस्य मौजूद थे। संघ भवन में सैकड़ों अधिवक्ताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।
नयरुल इस्लाम अपने पीछे दो पुत्र, एक पुत्री और पत्नी को छोड़ गए हैं। उनके परिवार के सदस्य स्वावलंबी हैं। उनके निधन के कारण सिविल कोर्ट के अधिवक्ताओं ने न्यायिक कार्य से विराम लिया।

