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April 12, 2026 3:09 pm

महाराजगंज : पीड़िया पर्व का हुआ समापन, नदी घाटों पर उमड़ी भीड़

✍परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ

प्रखंड के विभिन्न गांवों में सोमवार अल सुबह तालाबों और नदी घाटों पर मेला जैसा दृश्य देखने को मिला। बड़ी संख्या में कन्याएं और महिलाएं भाई की सुख-समृद्धि और लंबी आयु के लिए पीड़िया व्रत रखकर यहां पहुंचीं। उन्होंने पीड़िया गीत गाते हुए पीड़िया का विसर्जन किया और भगवान भास्कर से भाई के लिए मंगल कामना की। भक्तिमय गीतों ने वातावरण को अलौकिक बना दिया।

व्रत और पूजा का महत्व:
इससे पूर्व महिलाओं ने उपवास रखकर ईश्वर की पूजा-अर्चना की थी। वहीं, कन्याओं ने एक माह पूर्व से भाई की दीर्घायु के लिए गोबर से बनी पीड़िया घर की दीवारों पर स्थापित की थी। गोवर्धन पूजा के दिन से ही यह परंपरा शुरू होती है।

शिवाला घाट पर विशेष आयोजन:
कन्याएं और महिलाएं भोजपुरी गीतों और डीजे की धुन पर नाचते-गाते शहर के शिवाला शिव मंदिर घाट पर पहुंचीं। वहां ठेलों और सजावट की आकर्षक व्यवस्था ने मेले जैसा माहौल बना दिया। पूरे कार्यक्रम में विशेष उमंग और उल्लास देखा गया।

पारंपरिक धरोहर का संरक्षण:
पीड़िया व्रत और लोकगीतों के माध्यम से गांवों की परंपरा और संस्कृति को जीवंत बनाए रखने का यह प्रयास लोगों में उत्साह का संचार करता है। यह पर्व गोवर्धन पूजा से प्रारंभ होकर भाई-बहन के रिश्ते को और अधिक सुदृढ़ करता है।

Samay Siwan
Author: Samay Siwan

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