✍परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सीवान: शनिवार को आंबेडकर भवन स्थित संवाद कक्ष में उर्दू भाषा के महत्व को बढ़ाने और छात्रों में उर्दू पढ़ने व लिखने की रुचि विकसित करने के उद्देश्य से वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। यह प्रतियोगिता मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग व उर्दू निदेशालय की उर्दू भाषी विद्यार्थी प्रोत्साहन राज्य योजना 2024-25 के तहत आयोजित की गई थी।
कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी मुकुल कुमार गुप्ता, जिला बंदोबस्त पदाधिकारी सुजीत कुमार, जिला उर्दू कोषांग के प्रभारी उपेंद्र कुमार यादव, शहबाज खान, सोहैल अहमद और अन्य अधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से किया गया।
इस अवसर पर डीएम ने उर्दू को दुनिया की सबसे मीठी भाषा बताते हुए कहा कि बिहार सरकार उर्दू भाषा को संरक्षित और संवर्धित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने सभी से उर्दू पढ़ने और लिखने के लिए प्रोत्साहित करने का आह्वान किया।
प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर अपनी राय रखी, जिसमें मैट्रिक और फौकानिया के विद्यार्थियों ने ‘तालीम की अहमियत’, इंटर और मौलवी के विद्यार्थियों ने ‘उर्दू जबान की अहमियत’ और स्नातक और आलीम के विद्यार्थियों ने ‘उर्दू गजल की अहमियत’ पर तकरीर की।
निर्णायक मंडल द्वारा मैट्रिक, इंटर और स्नातक स्तर के बेहतर प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। मैट्रिक स्तर में साहिल इकबाल, इंटर स्तर में सुहानी परवीन और स्नातक स्तर में इशरत जहां ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। सभी सफल प्रतिभागियों को उर्दू निदेशालय द्वारा निर्धारित राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा।

