✍परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
सीवान में गुरुवार को सारण प्रमंडल के आयुक्त गोपाल मीणा की अध्यक्षता में एकदिवसीय प्रमंडल स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य की दीर्घकालिक विकास यात्रा को सुविचारित दिशा देने के लिए बिहार विजन डॉक्यूमेंट 2047 की तैयारी करना था।
आयुक्त ने बताया कि यह दस्तावेज न केवल मौजूदा चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करेगा, बल्कि अगले 25 वर्षों में बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में लाने के लिए आवश्यक रणनीतियों का खाका तैयार करेगा। इस दस्तावेज का लोकार्पण 26 जनवरी को प्रस्तावित है।
कार्यशाला में उन्होंने बिहार विजन डॉक्यूमेंट 2047 में जनता की सक्रिय भागीदारी की आवश्यकता पर जोर दिया। दस्तावेज निर्माण के लिए आम लोगों से सर्वेक्षण के माध्यम से सुझाव लिए जाएंगे। आयुक्त ने बताया कि इस प्रक्रिया में विद्यार्थी, शिक्षक, किसान और विभिन्न पेशों से जुड़े लोगों को शामिल किया जाएगा।
सर्वेक्षण कार्य को प्रभावी बनाने के लिए आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, आशा, जीविका और पंचायत स्तरीय कर्मियों को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। सभी आरटीपीएस काउंटर पर एक कार्यपालक सहायक नियुक्त रहेगा, जो लोगों से फार्म भरवाने का कार्य करेगा। आयुक्त ने सर्वेक्षण के प्रश्नों को व्यापक और प्रभावी बनाने की आवश्यकता भी व्यक्त की।

