✍🏽परवेज़ अख़्तर/एडिटर इन चीफ
स्वास्थ्य विभाग ने एईएस व जेई के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर दिया जोर
हुसैनगंज (सिवान): प्रखंड कार्यालय सभागार में मंगलवार को एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें चमकी बुखार (एईएस) और जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) से बचाव के उपायों पर आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया गया।
इस दौरान प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अंशु अंकित, प्रशिक्षक डॉ. एच. रहमान और स्वास्थ्य प्रबंधक एसरारुल हक ने मस्तिष्क ज्वर के लक्षणों और उसकी प्रारंभिक रोकथाम के उपायों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग इस गंभीर बीमारी की रोकथाम के लिए पूरी तरह अलर्ट मोड में है और कार्य योजना तैयार की गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बताया कि एईएस और जेई के लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, अर्ध या पूर्ण बेहोशी प्रमुख हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत सरकारी अस्पताल में इलाज कराना जरूरी है। बचाव के लिए बच्चों को रात में भरपेट भोजन कराने, तेज धूप से बचाने, दिन में दो बार स्नान कराने और लक्षण दिखने पर तुरंत ओआरएस का घोल पिलाने की सलाह दी गई।
बेहोशी की स्थिति में तुरंत 102 एंबुलेंस को बुलाकर नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराने की अपील भी की गई।
प्रशिक्षण शिविर में वीरबहादुर यादव, रंजीत कुमार, प्रभाकर सिंह, आशा कार्यकर्ता रेणु देवी, मीरा देवी, सीमा देवी सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे।

