✒️ स्वराज सिंह
हड़ताल के बीच प्रशासन की वैकल्पिक व्यवस्था
- राजस्व अधिकारियों की हड़ताल के चलते प्रशासन सक्रिय
- बीडीओ और अन्य अधिकारियों को सौंपा गया अतिरिक्त प्रभार
- हसनपुरा सीओ उदयन सिंह को तीन अंचलों की जिम्मेदारी
- आम जनता की सेवाएं बाधित न हों, इसका रखा गया ध्यान
बिहार में राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अंचल अधिकारियों के सामूहिक अवकाश (हड़ताल) पर जाने के बाद प्रशासनिक कार्यों को सुचारू बनाए रखने के लिए सरकार ने त्वरित कदम उठाए हैं। प्रधान सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-226/सी०, दिनांक-06 मार्च 2026 के माध्यम से पहले ही जानकारी दी गई थी कि राज्य के अंचल अधिकारी 09 मार्च 2026 से सामूहिक अवकाश पर रहेंगे।
इस परिस्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने कार्यालय आदेश ज्ञापांक-44/स्था०, दिनांक-10 मार्च 2026 जारी कर वैकल्पिक व्यवस्था लागू की। इसके तहत अंचल अधिकारियों के स्थान पर प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया, ताकि राजस्व से जुड़े कार्य बाधित न हों। दाखिल-खारिज, परिमार्जन एवं अन्य भूमि संबंधी सेवाओं को निरंतर जारी रखने के लिए यह कदम उठाया गया।
इसके बाद प्रधान सचिव द्वारा पत्रांक-563 (3)/रा०, दिनांक-26 मार्च 2026 के माध्यम से एक और निर्देश जारी किया गया। इसमें कहा गया कि हड़ताल के दौरान राजस्व कार्यों की निरंतरता बनाए रखने के लिए बिहार राजस्व सेवा के कार्यरत पदाधिकारियों को भी अतिरिक्त प्रभार दिया जाए, ताकि आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इन्हीं निर्देशों के आलोक में सीवान जिले के हसनपुरा प्रखंड के अंचल अधिकारी उदयन सिंह को आंदर, रघुनाथपुर और सिसवन अंचलों का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। अब इन क्षेत्रों में राजस्व कार्यों के संचालन की जिम्मेदारी उन्हीं के पास रहेगी।
प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से कार्यों में निरंतरता बनी रहेगी और जनता को जरूरी सेवाएं समय पर मिलती रहेंगी। साथ ही अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि हड़ताल की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे भी वैकल्पिक कदम उठाए जाएंगे। आम लोगों से अपील की गई है कि वे अपने कार्यों के लिए संबंधित प्रभार प्राप्त अधिकारियों से ही संपर्क करें और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचें।

