हसनपुरा : शनिवार को अकीदत से मनाया जाएगा ईद-उल-अजहा, मस्जिदों में तैयारियां पूरी
✒️ स्वराज सिंह
बकरीद की नमाज आज होगी अदा, कुर्बानी के लिए सज चुके हैं बकरा बाजार और घर
हसनपुरा (सिवान): प्रखंड के सभी मुस्लिम बहुल इलाकों में शनिवार को ईद-उल-अजहा (बकरीद) का पर्व धार्मिक श्रद्धा और अकीदत के साथ मनाया जाएगा। इस अवसर पर ईदगाहों और मस्जिदों में विशेष नमाज अदा की जाएगी, जिनकी साफ-सफाई और सजावट का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
ईद-उल-अजहा को कुर्बानी का दिन कहा जाता है, जो हजरत इब्राहिम की अल्लाह के प्रति वफादारी और बेटे इस्माइल की कुर्बानी की मिसाल को याद करते हुए मनाया जाता है। इस दिन बकरे या अन्य जानवर की कुर्बानी दी जाती है।
इस्लामी मान्यताओं के अनुसार, जब हजरत इब्राहिम अल्लाह की आज्ञा से अपने बेटे की कुर्बानी देने चले, तो अल्लाह ने उनकी नीयत को परखा और बेटे इस्माइल की जगह एक दुंबा (भेड़ जैसा जानवर) भेज दिया, जिसे कुर्बान किया गया। उसी परंपरा को निभाते हुए आज भी मुसलमान कुर्बानी करते हैं।
कुर्बानी का मांस तीन हिस्सों में बांटा जाता है —
- पहला हिस्सा गरीबों को
- दूसरा हिस्सा दोस्तों और रिश्तेदारों को
- तीसरा हिस्सा अपने परिवार के लिए रखा जाता है।
बकरीद के मौके पर हसनपुरा के बाजारों, गलियों और मोहल्लों में रौनक बढ़ गई है। लोग त्योहार की तैयारियों में जुटे हैं और कुर्बानी को लेकर घरों में खास तैयारी की गई है।