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April 16, 2026 12:56 am

हसनपुरा में चेयरमैन बेबी गुप्ता की पहल रंग लाई, शिकायत के बाद शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई

✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ

  • चेयरमैन बेबी गुप्ता ने पहले ही उठाया था अनियमित स्कूल का मुद्दा
  • डीईओ को दी गई शिकायत में कई गंभीर खामियों का जिक्र
  • अब बिना मान्यता वाले स्कूलों पर विभाग का सख्त एक्शन
  • जानकारों ने कहा—लगातार प्रयास का दिखा असर
  • शिक्षा सुधार के लिए चेयरमैन की पहल

सीवान जिले के हसनपुरा नगर पंचायत क्षेत्र में शिक्षा व्यवस्था को सुधारने की दिशा में चेयरमैन बेबी गुप्ता की पहल अब असर दिखाने लगी है। कुछ महीने पहले ही चेयरमैन ने एक निजी विद्यालय में अनियमितताओं को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) को लिखित शिकायत दी थी, जिसके बाद अब शिक्षा विभाग ने पूरे प्रखंड में बिना मान्यता संचालित स्कूलों पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, चेयरमैन बेबी गुप्ता ने अपने आवेदन में स्पष्ट रूप से उल्लेख किया था कि संबंधित निजी विद्यालय का संचालन एक आवासीय भवन और उसके बेसमेंट में किया जा रहा है, जो निर्धारित शैक्षणिक मानकों के खिलाफ है। इसके साथ ही विद्यालय में बिना प्रशिक्षित शिक्षकों से पढ़ाई कराए जाने और बच्चों के आवागमन के लिए उपयोग किए जा रहे वाहनों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए थे।
चेयरमैन ने अपने शिकायत पत्र में यह भी कहा था कि इस तरह की लापरवाही बच्चों की सुरक्षा और उनके भविष्य दोनों के साथ खिलवाड़ है, जिस पर तत्काल संज्ञान लिया जाना जरूरी है।

इसी क्रम में अब शिक्षा विभाग ने हसनपुरा प्रखंड के कई निजी विद्यालयों की जांच के बाद बड़ा कदम उठाते हुए बिना मान्यता संचालित स्कूलों को बंद करने का आदेश जारी कर दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे विद्यालय बच्चों के मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE Act) का उल्लंघन कर रहे हैं, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले विद्यालयों पर प्रतिदिन 10,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा और आदेश की अवहेलना पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के निजी विद्यालयों में हड़कंप मच गया है। कई स्कूल संचालक अब मान्यता प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी में जुट गए हैं, जबकि कुछ ने अस्थायी रूप से संचालन बंद कर दिया है।
स्थानीय जानकारों का मानना है कि चेयरमैन बेबी गुप्ता द्वारा समय रहते उठाए गए इस मुद्दे ने ही पूरे मामले को तूल दिया और प्रशासन को कार्रवाई के लिए मजबूर किया। उनका कहना है कि यदि इस तरह जनप्रतिनिधि सक्रिय रहें तो शिक्षा व्यवस्था में सुधार संभव है।
वहीं अभिभावकों के बीच इस कार्रवाई को लेकर मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ लोग इसे बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए जरूरी कदम बता रहे हैं, तो कुछ अचानक स्कूल बंद होने से पढ़ाई प्रभावित होने की चिंता जता रहे हैं।
हालांकि, शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का नामांकन केवल मान्यता प्राप्त विद्यालयों में ही कराएं, ताकि उन्हें सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। साथ ही प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले समय में इस तरह की कार्रवाई और तेज की जाएगी।

Samay Siwan
Author: Samay Siwan

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