✒️ स्वराज सिंह
24 मार्च को खाजेपुर खुर्द में होगा आयोजन
- सिवान–सिसवन पथ पर प्रस्तावित है उच्चस्तरीय पुल
- खाजेपुर व जलालपुर में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज
- सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन की रिपोर्ट तैयार
- ईद की तिथि में बदलाव के कारण बदली गई सुनवाई की तारीख
सिवान : हसनपुरा प्रखंड अंतर्गत सिवान–सिसवन राज्य उच्च पथ पर दाहा नदी के ऊपर प्रस्तावित उच्चस्तरीय आरसीसी पुल निर्माण को लेकर प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस परियोजना के तहत सेमरी से खाजेपुर के बीच 3×16.00 मीटर आकार के पुल के निर्माण की योजना है, जिसके लिए एप्रोच रोड हेतु भूमि अधिग्रहण किया जाना प्रस्तावित है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, अंचल हसनपुरा के दो राजस्व ग्रामों—खाजेपुर (थाना संख्या-450) में 0.21005 एकड़ तथा जलालपुर (थाना संख्या-380) में 0.56325 एकड़ भूमि अधिग्रहण के लिए चिन्हित की गई है।
इस परियोजना के तहत सामाजिक प्रभाव मूल्यांकन (Social Impact Assessment) का कार्य पटना स्थित संस्था ‘आद्री’ द्वारा किया गया है। संस्था ने 13 फरवरी 2026 को अपने ड्राफ्ट प्रतिवेदन संबंधित विभाग को सौंप दिया है।
आरएफसीटीएलएआर एक्ट, 2013 के प्रावधानों के तहत ड्राफ्ट रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद 21 दिनों के भीतर प्रभावित रैयतों और स्थानीय लोगों के बीच इसके निष्कर्ष साझा करना आवश्यक होता है। साथ ही उनकी राय और सुझाव लेकर अंतिम प्रतिवेदन तैयार किया जाता है।
इसी प्रक्रिया के तहत लोक सुनवाई का आयोजन किया जाता है, जिसमें जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और मीडिया की भागीदारी सुनिश्चित की जाती है।
प्रशासन द्वारा पहले यह लोक सुनवाई 20 मार्च 2026 को निर्धारित की गई थी, लेकिन ईद-उल-फितर के अवकाश की संभावित तिथि को देखते हुए इसे स्थगित कर दिया गया। अब यह लोक सुनवाई 24 मार्च 2026 को पूर्वाह्न 11:00 बजे सामुदायिक भवन, खाजेपुर खुर्द में आयोजित होगी।
प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे इस शिविर की व्यापक सूचना प्रसारित करें, ताकि अधिक से अधिक प्रभावित लोग, जनप्रतिनिधि और सामाजिक संगठन इसमें भाग लेकर अपनी राय रख सकें। लोक सुनवाई का मुख्य उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखते हुए सभी हितधारकों की सहभागिता सुनिश्चित करना है, जिससे परियोजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आए और प्रभावित लोगों के हितों का पूरा ध्यान रखा जा सके।

