✒️ परवेज अख्तर / एडिटर इन चीफ
- • वार्ड 11 में वाटर एटीएम दो दिनों से खराब, लोगों को परेशानी
• लाखों की लागत से लगाए गए 11 वाटर एटीएम पर उठे सवाल
• बार-बार खराबी से लोगों का भरोसा टूट रहा
• स्थानीय लोगों ने जल्द मरम्मत और जांच की उठाई मांग
हसनपुरा (सिवान): नगर पंचायत हसनपुरा के वार्ड संख्या 11 में स्थापित वाटर एटीएम पिछले दो दिनों से बंद पड़ा है, जिससे स्थानीय लोगों को पेयजल के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह वाटर एटीएम नगर पंचायत द्वारा कुछ ही महीनों पहले लाखों रुपये की लागत से लगाए गए 11 यूनिट्स में से एक है, जिनका उद्देश्य क्षेत्रवासियों को स्वच्छ और सुलभ पेयजल उपलब्ध कराना था।
स्थापना के समय नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी (ईओ) मुकेश कुमार ने दावा किया था कि सभी वाटर एटीएम पूरी तरह सुचारु रूप से कार्य कर रहे हैं और लंबे समय तक बिना किसी बाधा के चलते रहेंगे। वहीं, संबंधित ठेकेदार ने भी निर्माण कार्य में गुणवत्ता और पारदर्शिता का भरोसा दिलाया था।
हालांकि, जमीनी हकीकत इन दावों से अलग नजर आ रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, वाटर एटीएम लगने के कुछ ही महीनों बाद से इनमें तकनीकी खराबियां आने लगी थीं। खासकर वार्ड संख्या 11 का एटीएम अक्सर खराब रहता है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि मशीन की मरम्मत तो की जाती है, लेकिन कुछ ही दिनों में यह दोबारा खराब हो जाती है, जिससे लोगों का भरोसा इस योजना से उठता जा रहा है।
बताया जाता है कि ये वाटर एटीएम पूरी तरह स्वचालित प्रणाली पर आधारित हैं, जिनमें विभिन्न प्रकार के सेंसर लगे होते हैं। इन्हीं सेंसरों के जरिए मशीन संचालित होती है और लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जाता है। बावजूद इसके बार-बार तकनीकी खराबी आना कई सवाल खड़े करता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पंचायत प्रशासन विकास के बड़े-बड़े दावे तो करता है, लेकिन योजनाओं के रखरखाव और निगरानी में लापरवाही बरती जा रही है। यदि समय-समय पर सही तरीके से देखरेख होती, तो इस तरह की समस्याएं बार-बार उत्पन्न नहीं होतीं।
इस स्थिति को देखते हुए क्षेत्रवासियों ने नगर पंचायत प्रशासन से मांग की है कि खराब पड़े वाटर एटीएम को जल्द से जल्द ठीक कराया जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचने के लिए स्थायी समाधान निकाला जाए और संबंधित ठेकेदार की कार्यप्रणाली की जांच कर सार्वजनिक धन के सही उपयोग को सुनिश्चित किया जाए।

