Explore

Search

February 22, 2026 4:21 am

हर चीज़ के लिए एक बहार है,और कुरान की बहार रमजान का महीना है:मौलाना इमरान

हर चीज़ के लिए एक बहार है,और कुरान की बहार रमजान का महीना है:मौलाना इमरान

✍️ परवेज अख्तर/ एडिटर इन चीफ

महाराजगंज प्रखड के सोनवर्षा गांव स्थित मदरसा इस्लामिया अरबिया नईमिया के प्रिंसपल सह ऑल मदरसा युवा शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष मौलाना इमरान साहब ने रमजानुल मुबारक पर फजीलत बयान करते हुए कहा कि कहा कि माहे रमजान यह वह महीना है जिसमें पवित्र कुरान धरती के क्षितिज पर उतरना शुरू हुआ।जैसे धरती,बहार में मृत होने के बावजूद,जीवन की झिलमिलाहट से परिचित हो जाती है,वैसे ही,रमजान के महीने के आने पर, ईमान के पौधे दिलों में फिर से उगने लगते हैं जो सालों की अनदेखी के कारण मिट्टी में दबे हुए थे।उन्होंने कहा कि हर चीज़ के लिए एक बहार है,और कुरान की बहार रमजान का महीना है।उन्होंने जकात-उल-फित्र पर विधिवत रूप से प्रकाश डालते हुए कहा कि यह एक अनिवार्य दान है,जो ईद-उल-फित्र की नमाज से पहले दिया जाता है।रमजान के अंत में हर सक्षम मुसलमान पर फित्रा देना जरूरी होता है।यह दान अल्लाह का शुक्र अदा करने के लिए दिया जाता है,जिन्होंने रोजा रखने की ताकत, हिम्मत और सब्र दिया।फित्रा देने की परंपरा हजरत मुहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के समय से चली आ रही है।हर वह मुसलमान जिसके पास पर्याप्त आर्थिक साधन हैं,उस पर फित्रा देना जरूरी है।इसकी मात्रा रोजमर्रा के मुख्य खाद्य पदार्थों के आधार पर तय की जाती है और व्यक्ति की क्षमता के अनुसार होती है।उन्होंने कहा कि रमजान में रोजा-नमाज और कुरान पढ़ने के साथ जकात और फितरा देने का भी बहुत महत्व है।जकात इस्लाम के 5 स्तंभों में से एक है।

Samay Siwan
Author: Samay Siwan

लाइव क्रिकेट स्कोर